राजसमन्द / लिंग भेदभाव का करे बहिष्कार, लड़का लड़की एक सम्मान : पालीवाल

आइए सोच बदलें कैम्पेन का शुभारम्भ

 

पीरियड्स को सभ्यता संस्कार से नहीं स्वास्थ्य से जोड़े सोच बदले

 

 

देवगढ़ : महिला अधिकारिता विभाग  राजसमन्द और करियर महिला मंडल द्वारा रविवार को आइए सोच बदलें कैम्पेन का शुभारम्भ किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग की जिला समाधान समिति सदस्य भावना पालीवाल और करियर महिला मंडल संरक्षक विजय लक्ष्मी धाभाई ने की ।  पालीवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की आज भी  पीरियड्स पर बात करने को लोग अपनी सभ्यता और संस्कारों के खिलाफ समझते है  आजादी के 75 वर्षों बाद भी लैंगिक समस्या बनी हुई है। जन्म से लेकर शिक्षा चिकित्सा आदि में लैंगिक भेदभाव किया जाता है ।  हम 21वीं शताब्दी के भारतीय होने पर गर्व करते हैं जो एक बेटा पैदा होने पर खुशी का जश्न मनाते हैं और यदि एक बेटी का जन्म हो जाये तो शांत हो जाते हैं। सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रगति के बावजूद वर्तमान भारतीय समाज में पितृसत्तात्मक मानसिकता जटिल रूप में व्याप्त है। इसके कारण महिलाओं को आज भी एक जिम्मेदारी समझा जाता है। महिलाओं को सामाजिक और पारिवारिक रुढियो  के कारण विकास के कम अवसर मिलते हैं, जिससे उनके व्यक्तित्व का पूर्ण विकास नहीं हो पाता है। आइये हम सब मिलकर सोच बदलते है । कैम्पेन में छापली, भचरडीया, मदारिया. लसानी, ताल, सुरतपुरा, मालिया का वास, आंजना, दोलपुरा, सोपरी, इशरमंड,  स्वादडी पीपलीनगर  से नीलम कँवर सिसोदिया, गंगा वैष्णव, बक्षी रेगर, नितु कंवर चुंडावत, अंशिता चुंडावत, खुशनुमाबानो, स्वाति सोलंकी, ज्ञानी गुर्जर, कुंती कुमारी, ट्विंकल रेगर, माया प्रजापत, तुलसी, चंदा, अनु माली, नीलम टेलर, देवी कुमारी, सहित कई महिलाये और युवतियों ने भाग लिया

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