राजसमन्द / करियर कार्यशाला : ज़िन्दगी में जितना बड़ा संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी

 

 

*करियर के लिए प्रतियोगिता सबसे पहले स्वयं से करे : पवन घोसलिया*

 

देवगढ़ : युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय भारत सरकार के नेहरु युवा केंद्र राजसमन्द और करियर महिला मंडल के तत्वाधान में देवगढ़ में करियर गाईडेंस पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला की अध्यक्षता जिला युवा अधिकारी नेहरु युवा केंद्र राजसमन्द के पवन घोसलिया , मुख्य वक्ता शिक्षाविद रमेश कुमार कंसारा, पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट भारतीय वायु सेना दरियाव सिंह वेद, युवा एंट्प्रेन्योर प्रवीण सिंह चौहान रहे । इस कार्यशाला में देवगढ़ और भीम क्षेत्र की 20  पंचायतो के सो से अधिक युवाओ ने भाग लिया । जिला युवा अधिकारी पवन घोसलिया ने बताया की जीवन में इंसान का लक्ष्य बड़ा होना चाहिए। बड़ा लक्ष्य लेकर चलोगे तो जरूर कामयाबी मिलेगी। जिस क्षेत्र में आपका जाने का मन है, उसी की तैयारी करें। उन्होंने कहा कि हमारी प्रतियोगिता किसी ओर से नहीं है, सबसे पहले हमें खुद से प्रतियोगिता करनी है। हमें अपने आप को कल से और बेहतर बनाने के लिए कार्य करना हैं।  वक्ता रमेश कुमार कंसारा द्वारा करियर का चुनाव, स्व मूल्यांकन, अपने कौशल और प्रतिभाओं को जानें, अपनी प्राथमिकताओं को निर्धारित करें, व्यापक दृष्टिकोण सहित  शिक्षा विभाग में बीएसटीसी, बीएड, रीट, नेट, आरएस आदि प्रतियोगी परीक्षाओ की जानकारी प्रदान करते हुए कहा की आपके करियर का जितना बड़ा संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी । दरियाव सिंह वेद द्वारा बताया की आर्मी में जाने का युवाओं का सपना होता है क्योंकि इसके जरिए देश सेवा का मौका मिलता है, साथ ही समाज में इज्जत और शोहरत भी मिलती है. यही वजह है कि अधिक संख्या में युवा भारतीय सेना में करियर बनाना चाहते हैं ।  इसको लेकर चयन प्रक्रिया, आवेदन, परीक्षा के टिप्स बताये  । युवा एंट्प्रेन्योर  प्रवीण सिंह चौहान ने बताया की गलतियों को सुधारे, उनसे सीखें एक बेहतर और सफल इंसान तब ही बना जा सकता हैं, जब आप अपनी गलतियों में सुधार करे, और निरंतर उनसे सीखते रहें। इन्हें कभी भी नजरअंदाज न करें, नहीं तो यह आपके करियर और भविष्य के लिए एक गलत रास्ता तय कर सकती हैं।  इस अवसर पर किरण गोस्वामी, विजय लक्ष्मी धाभाई, भावना सुखवाल, लोकेश चुंडावत, अरीना बानो, संध्या वैष्णव, स्वाति सोलंकी, स्नेह वैष्णव, निकिता वैष्णव, श्याम सिंह चौहान, प्रेमवन, रमेश सालवी, लोकेश सिंह चौहान, खुशनुमा बानो, अंशिता, शिवानी जैन, किरण चौहान, गायत्री कँवर, डाली गुर्जर, भूरी खटिक, जुली खटिक, केशर खटिक, विष्णु कुमार सालवी, महावीर जैन,महेंद्र सिंह, देवेन्द्र कीर, किशन सिंह, राजेश कुमार, प्रवीण कुमार कलाल, निकिता, कविता भील सहित कई आसपास के ग्रामीण क्षेत्रो के युवा मोजूद थे

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