राजसमन्द / नवजात शिशुओं की थमने लगी सांसे तो चिरंजीवी योजना बनी संजीवनी
योजना में 1 करोड़ 53 लाख 79 हजार रूपये की राशि का वहन कर अबोध शिशुओ को बचाया
राजसमंद, 21 सितम्बर। चिकित्सा संस्थानो में होने वाले प्रसव के साथ ही कई शिशु गंभीर बिमारीयों और शारीरिक जटिलताओं के साथ पैदा होते है। जिनको तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहायता और उपचार की आवश्यकता होती है। जिले में 1 मई 2021 से लेकर अब तक 3 हजार 194 शिशु जो गंभीर बिमारीयों एवं शारीरिक जटिलताओं से ग्रस्त थे। बिमारीयों से छूटकारा दिलाने के लिये मुख्यमंत्री चिंरजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत जिले में 1 करोड़ 53 लाख 79 हजार के क्लेम बुक किये गये है। विभिन्न रोगो से ग्रस्त शिशुओ के लिये मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना संजीवनी साबित हुई है अब बिना किसी खर्च के इन शिशुओं का उपचार हो रहा है।
जिले में आर.के जिला चिकित्सालय, जिला चिकित्सालय नाथद्वारा, सीएचसी देवगढ़, भीम, आमेट, देलवाड़ा, केलवाड़ा जैसे सरकारी चिकित्सा संस्थानो सहित प्राईवेट अनन्ता हॉस्पीटल में बिमार शिशुओं का उपचार हो रहा है। नवजात शिशुओं में मुख्यतः टाईफाईड, निमोनिया, जोईंडिस, माल न्यूट्रीशन, सीवियर सेफसिस जैसी कई गंभीर बिमारीयांे का उपचार जिनको महंगा उपचार बिल्कुल कैशलेस मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में हुआ है। गंभीर बिमारीयों के उपचार में बड़े खर्च के कारण इन नवजात शिशुओं के परिवारों को अपने शिशुओं को बचाने के लिये बड़ी धन राशि खर्च करनी होती थी जिससे पूरा परिवार आर्थिक संकट में पड़ जाता था।
सीएमएचओ डॉ प्रकाश चन्द्र शर्मा ने बताया की मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना
में 1633 बिमारीयों के पैकेज है जिसमें सभी छोटी - बड़ी बिमारीयों के उपचार हो रहा है। जिले में अब तक 73 प्रतिशत परिवारो का योजना में रजिस्ट्रेशन हुआ है तथा 31 हजार 605 लाभार्थीयों ने योजना का लाभ लिया है। जिले में शत प्रतिशत रजिस्ट्रेशन के लिये आवश्यक है की सभी सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवी संगठन इस जनकल्याणकारी योजना से आमजन को जोड़े तथा प्रेरीत कर योजना में पंजीकृत करावें। जिससे लोगो को बिमारी पर खर्च ना करना पड़े और बिमारी पर खर्च होने वाले रूपयों का उपयोग वह बच्चो की शिक्षा और बेहतर जीवन शैली पर कर सके।