राजसमन्द / नरसी मेहता जैसा परमार्थी भक्त संसार में कोई नहीं हुआ ,,,,,,,,,,,संत राकेश पुरोहित

 

 

जोली से दो मिनट में दो लाख का गो ग्रास  इकट्ठा,,,,,,

 

सियाणा स्थित श्री धेनु गोपाल गौशाला में चल रहे गो सेवार्थ नानी बाई का मायरा नरसिंह मेहता के चरित्र  का तीन दिवसीय कथा के दूसरे दिन संत   राकेश पुरोहित ने बताया कि महान कृष्ण भक्त नरसी मेहता का जन्म गुजरात प्रांत के जूनागढ़ शहर में ब्राह्मण कुल में हुआ था। उनके पिता का नाम कृष्णदास और माता का नाम दयाकुंवर था। बचपन में ही इन्हें साधुओं की संगती मिली, जिसके प्रभाव से इनमें भगवान श्री कृष्ण की भक्ति का उदय हुआ। संत ने आगे कहा  कि मानव जीवन में आकर भगवान पर किसी प्रकार भरोसा किया जा सके और उसके सुमिरण का तरीका कैसा हो तो व्यक्ति को गुजरात के प्रसिद्ध संत नरसी मेहता का जीवन चरित्र अपनाना चाहिए।  उन्होंने बताया कि अगर आपका भगवान पर दृढ़ भरोसा है तो वो जरूर आपके जीवन में आएंगे।

नरसी ने दुनिया को यह भी सीख दी कि अपमान को किस हद तक सहा जा सकता है। आज के वर्तमान समय में थोड़ी सी भी कड़वी बात आने पर वर्षों पुराना प्रेम समाप्त हो जाता है। गौ माता की सेवा के लिए हम सब को आगे आना होगा एक गौ माता का खर्च हमें स्वयं उठाना होगा तभी कूड़ा करकट खाने वाली गौ माता की सेवा हो पाएगी इसी बीच संत हरिदास महाराज एवं गौभक्तों द्वारा जोली घुमाई जोली से दो मिनट में दो लाख का गो ग्रास  इकट्ठा किया गया। दूरदराज के सभी गांव से बैलगाड़ी से चारा, जो ,गेहूं ,बाजरा, तेल, गुड जैसे सामग्रियों को लेकर कई गांव के गौ भक्तों द्वारा मायरा भरा जाएगा।वहीं ग्रामीणों ने तुला दान कर अपने को वजन के बराबर गोग्रास दिया ।इस अवसर पर राजसमंद सांसद दिया कुमारी ,जिला प्रमुख रत्नीदेवी, माधवलाल समाजसेवी ,भाजपा जिला अध्यक्ष मानसिंह राठौड़, अशोक राका , करणवीर सिंह राठौड़, धर्मु भाई ,परसराम तेली, गोवर्धन लाल राठौड़ ,प्रताप तेली, प्रभु लाल गुर्जर गोपाल तेली समेत कई गौ भक्त  मौजूद रहे ।

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