राजसमन्द / मतदाताओें का आधार संख्या एकत्र करने का कार्यक्रम 1 अगस्त 2022 से 31 मार्च 2023 तक मतदाताओ के लिये होगा स्वैच्छिक
मुख्य निर्वाचन अधिकारी. राजस्थान, जयपुर द्वारा जारी मतदाता सूची में पंजीकृत मौजूदा मतदाताओं की आधार संख्या को फार्म 6ख में एकत्र करने के संबंध में निर्देशों व भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार मतदाताओं की आधार संख्या को एकत्र कराने का कार्यक्रम 1 अगस्त, 2022 से प्रारम्भ होकर 31 मार्च, 2023 तक पूर्ण किया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23 में संशोधन द्वारा स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि मतदाताओं से आधार संग्रह का उद्देश्य मतदाताओं की पहचान स्थापित करना मतदाता सूची में प्रविष्टियों का प्रमाणिकरण और एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में एक ही व्यक्ति के नाम के पंजीकरण या एक से अधिक बार उसी निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकरण की पहचान करना है, जिससे साफ सुथरी एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार हो सके। तथा मतदाताओं के नाम एवं पते में त्रुटियों की संभावना नगण्य रहे।
इस सम्बन्ध जिला निवार्चन अधिकारी नीलाभ सक्सेना ने जिले के सभी अधिकारियो को निर्देश जारी किये है व इस बारे में औपचारिक रूप से जिला / विधानसभा स्तर पर कार्यक्रम आयोजन के लिये निर्देेश दियेे है। उन्होंने बताया कि मतदाताओं की ओर से आधार संख्या प्रस्तुत करना स्वैच्छिक है एवं आधार संख्या प्राप्त करने का उद्देश्य मतदाता सूची में उनकी प्रविष्टियों का प्रमाणिकरण और भविष्य में उन्हें बेहतर चुनावी सेवाऐं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग की और से 1 अगस्त, 2022 से प्रारम्भ नवीन प्रपत्र नवाचार में अपने कार्यालय के समस्त अधिकारियों कर्मचारियों को आयोग के नवीन फार्म ख में अपना आधार नम्बर जोड़ने प्रेरित अधिक से अधिक संख्या में आधार नम्बर जोड़ने का प्रयास करने के लिये कहा है । उन्होंने कार्यक्रम में अपने परिवारजनों का भी आधार नम्बर जोड़ने का व फार्म 6बी में आधार की सूचना अद्यतन किए जाने के लिए ऑनलाईन माध्यमों नेशनल वोटर्स सर्विस पोर्टल एवं वोटर हैल्पलाईन एप का उपयोग कर यह कार्य सुगमता से कर सकते है।