कुंभलगढ़त:लादरी मण्डल के तलादरी गांव में संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भगवान चारभुजा नाथ मंदिर प्रांगण में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों एवं सर्व हिंदू समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ गांव में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से हुआ, इसके पश्चात मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया।
मख्य वक्ता कृष्णमोहन (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक) ने अपने उद्बोधन में कहा कि मेवाड़ हमारी आन, बान और शान रहा है, मेवाड़ कभी गुलाम नहीं रहा। उन्होंने मेवाड़ की रक्षा के लिए मां पन्नाधाय के सर्वोच्च बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन धर्म की परंपराएं त्याग, साहस और संस्कारों पर आधारित हैं।
उन्होंने महाराणा प्रताप की प्रतिज्ञा का स्मरण कराते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने स्वाभिमान की रक्षा के लिए महलों, वैभव और सुख-सुविधाओं का त्याग कर जंगलों में जीवन बिताया। साथ ही राम–कृष्ण परंपरा एवं छत्रपति शिवाजी महाराज के संस्कारों का उल्लेख करते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर उन्होंने “पांच परिवर्तन” के माध्यम से व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक, राष्ट्रीय और देश स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता पर बल दिया। महिलाओं से समाज परिवर्तन के लिए पांच बातों को पल्लू में बांधकर रखने का आग्रह किया तथा बच्चों में संस्कारों के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम में शास्त्र और शस्त्र, दोनों के संतुलन की बात रखते हुए कुल, परिवार और समाज की रक्षा के लिए संस्कारयुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। सम्मेलन का आयोजन सर्व हिंदू समाज द्वारा किया गया। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

