नाथद्वारा. यूं तो नाथद्वारा की विश्व में एक अलग ही पहचान कई सदियों ने प्रभु श्रीनाथजी की नगरी के रूप में है। लेकिन, अब यहां बनी विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा के लोकार्पण के बाद एक और नई पहचान मिलेगी और यहां धार्मिक पर्यटन को भी विशेष रूप से बढ़ावा मिलेगा।
मिराज समूह के द्वारा शहर के गणेश टेकरी क्षेत्र में बनाई गई 351 फीट की इस विशालकाय शिवजी की ध्यान मुद्रा की प्रतिमा का कार्य पूरा होने के बाद अब आगामी 6 नवबंर को इसका लोकार्पण होगा। इसको लेकर शीतल संत मोरारी बापू की रामकथा का आयोजन आगामी 29 अक्टूबर से प्रारंभ होगा। रामकथा में देश के कई ख्यातनाम अति विशिष्ट अतिथि, राजनेता आदि के भी सम्मिलित होने की संभावना है। इस 9 दिवसीय रामकथा का आयोजन शिव प्रतिमा के अन्तर्गत आने वाले परिसर में ही किया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां भी जोरशोर से की जा रही है। साथ ही इन नौ दिनों में कई अन्य कार्यक्रमों को लेकर भी तैयारियां की जा रही है।
धार्मिक पर्यटन को लगेंगें पंख: प्रभु श्रीनाथजी की नगरी होने के कारण यहां पर देश के विभिन्न प्रांतों से प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। ऐसे में यहां पर आने वाले श्रद्धालु प्रभु श्रीनाथजी के दर्शन करने के साथ ही यहां शिव प्रतिमा और इसके आसपास के विकसित किए गए क्षेत्र के अवलोकन को लेकर यहां रुकने को भी मजबूर होंगे, जिससे यहां के धार्मिक पर्यटन के विकास को गति मिलेगी। पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेगे। हाईवे से भी यह प्रतिमा दिखाई देती है। इसके कारण अनके लोग इसे देखने के लिए पहुंचते हैं।

