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राजस्थान / ब्यावर गोमती फोरलेन के बाद अब राजसमंद सांसद दिया कुमारी ने उठाई राजसमंद जिले को नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन में सम्मिलित करने की मांग

ब्यावर गोमती फोरलेन के बाद अब राजसमंद सांसद दिया कुमारी ने उठाई राजसमंद जिले को नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन में सम्मिलित करने की मांग
Rajsamand today ✍️✍️ Suresh bagora June 04, 2020 06:29 PM IST

राजसमंद सांसद दिया कुमारी द्वारा 722 करोड़ रूपये की लागत से ब्यावर-गोमती NH-8 को डबल-लेन से फोर-लेन हाइवे में विकसित करने के प्रोजेक्ट को आर्थिक स्वीकृति मिलने  के बाद अब सांसद दिया कुमारी द्वारा आज दिल्ली में कृषि मंत्री श्री नरेंद्र तोमर से मुलाकात की।किसानों के हित की मांग करते हुए चने व गेहूं की सरकारी खरीद की सीमा को बढ़ाना व नरेगा कार्यों में में विस्तार करते हुए इसमें कृषि कार्यों जैसे फसल कटाई,जुताई, निराई, सिंचाई, पशुपालन, जैविक खाद निर्माण, खेतो की मेड़बन्दी, खेतों में टांका निर्माण आदि को नरेगा के तहत जोड़ना इसके साथ टिड्डी दल प्रकोप के समाधान के लिए सरकारी प्रयास तथा प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाना ,जैतारण में घोषित नए कृषि विज्ञान केंद्र KVK की शीघ्र स्थापना व किसके साथ राजसमंद सांसद दिया कुमारी द्वारा राजसमंद जिले को नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन में सम्मिलित कराने जैसी मांगों को लेकर आज सांसद दियाा कुमारी ने कृषि मंत्री श्री नरेंद्र तोमर से मुलाकात की सांसद दियाा कुमारी का कहना है कि इन सभी   निर्णयों से न सिर्फ अन्नदाता किसानों को राहत मिलेगी बल्कि कृषि क्षेत्र को एक नई दिशा मिलेगी।

 

राजसमंद सांसद दिया कुमारी की कृषि मंत्री श्री नरेंद्र तोमर से मुलाकात 

 

 

राजसमंद सांसद दिया कुमारी का जताया आभार

राजसमंद सांसद दिया कुमारी द्वारा पिछले 1 वर्ष से गोमती ब्यावर फोरलाइन के लिए सासंद दीया कुमारी द्वारा मांग की गई है। जिसको लेकर केंद्र सरकार द्वारा विकसित करने के लिए आर्थिक स्वीकृति के बाद राजसमंद के भाजपा कार्यकर्ता व राजसमंद वासियों ने सांसद दिया कुमारी का आभार व्यक्त किया है।

 

 

क्या है नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन

 

भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन की शुरुआत वर्ष 2005-06 (दसवीं योजना) के दौरान केन्द्र प्रायोजित योजना के रूप में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य भारत में बागवानी क्षेत्र का व्यापक वृद्घि करने के साथ-साथ बागवानी उत्पादन में वृद्घि करना है। 11 वीं योजना के दौरात भारत सरकार की सहायता का अंश 85 प्रतिशत तथा राज्य सरकारों का अंशदान 15 प्रतिशत होगा।

 

राष्ट्रीय बागवानी मिशन कार्यक्रम केंद्र द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम है, जिसे मई 2005 में प्रारंभ किया गया था। इस कार्यक्रम के अंतर्गतबागवानी उत्पादों के उत्पादन, फसल परवर्ती प्रबंधन और विपणन मामलों को शामिल किया जाता है। 

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