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राजस्थान / राजस्थान में अवैध खनन के खिलाफ कहीं कार्रवाई तो कहीं महज खानापूर्ति,

राजस्थान में अवैध खनन के खिलाफ कहीं कार्रवाई तो कहीं महज खानापूर्ति,
Rajsamand today June 17, 2022 09:47 PM IST

 

 

जयपुर: अवैध खनन के खिलाफ अभियान में कही तो खान विभाग जान झौंकता नजर आया तो कही अभियान खानापूर्ति बनकर रह गया. एक माह चले अभियान में खानापूर्ति में जयपुर तो वास्तविक कार्रवाई में भीलवाड़ा ने बाजी मारी. अब खान मंत्री और एसीएस के स्तर पर अभियान में खनिज अभियंताओं की परफॉर्मेंस ऑडिट की जा रही है. जल्द ही तबादलों में नॉन परफॉर्मर्स को फील्ड से हटाया जा सकता है. अवैध खनन के खिलाफ अभियान की सफलता को लेकर विभाग जो आंकड़े दे रहा है पहले उन पर गौर कर लेते हैं. खान विभाग द्वारा पुलिस, परिवहन, जिला प्रशासन और राजस्व विभाग के सहयोग से चलाए गए अभियान में एक महीने में कुल 1601 पंचनामे बनाए गए. इस दौरान 174 एफआईआर दर्ज 1479 वाहन जब्त किए गए. कुल 13 करोड़ 60 लाख रुपए की जुर्माना लगाया इसमें से 2 करोड़ 15 लाख वसूला गया. कुल 2229 टन खनिज को जब्त किया गया. इसमें 1553 टन बजरी, 293 टन मेसेनरी स्टोन, 111 टन मैंगनीज, 30 टन सेंड स्टोन, 60 टन गारनेट, 30 टन क्वार्ट्ज, 65 टन साधारण मिट्टी, 27 टन ग्रेवल और 60 टन जिप्सम जब्त किया गया. ये तो थे अभियान में कार्रवाई के आंकड़े जिन पर विभाग खुश हो सकता है लेकिन एक दूसरा पहलू ये है कि अभियान में खान विभाग सहित अन्य विभागों के जितने कार्मिक लगाए गए और जितना मानव श्रम और मशीन का उपयोग हुआ उसका खर्च वसूली गई जुर्माना राशि के बराबर ही बैठता है. ऐसे में अभियान वास्तविकता से दूर खानापूर्ति ज्यादा लगा. अवैध खनन अभियान में सर्वाधिक खानापूर्ति जयपुर में ही देखने को मिली. यहां 166 प्रकरण बनाकर 155 वाहन और मशीन तो जब्त किए गए लेकिन एफआईआर महज 3 ही काटी गई और खनिज जब्ती बिलकुल नहीं की गई. सियासी रसूक रखने वालों के खिलाफ एसएमई प्रताप मीणा, खनिज अभियंता श्रीकृष्ण शर्मा व अन्य अधिकारी कतराते रहे. बाड़मेर एसएमई भीम सिंह और अलवर खनिज अभियंता राजेंद्र सिंह की कार्य शैली पर सवाल खड़े हुए हैं. दूसरी ओर भीलवाड़ा में अभियान के दौरान जोरदार कार्रवाई देखने को मिली. भीलवाड़ा में कुल 147 मामले दर्ज कर 137 वाहन, मशीन जब्त कर 62 एफआईआर दर्ज करवाई गई. यही 625 टन खनिज भी जब्त किया गया. इसी तरह अवैध खनन की सबसे बड़ी टेरिटरी नागौर में भी अभियान के नाम पर खानापूर्ति की गई. चित्तौड़, सवाई माधोपुर, जोधपुर, जालौर और बूंदी में भी अभियान ठंडा रहा. झालावाड़, सिरोही, धौलपुर और अलवर में कुछ कार्रवाई देखने को मिली. विडंबना देखिए कि अभियान को जिस इनपुट के आधार पर शुरू किया गया था वहां खान विभाग ने नाम मात्र की कार्रवाई की. अभियान के दौरान दूसरे विभाग तो मुस्तैद दिखे लेकिन खनिज अभियंता अवैध खनन माफिया से रिश्ते निभाते नजर आए. बहरहाल अब पूरे अभियान की खान मंत्री प्रमोद भाया और एसीएस डॉ सुबोध अग्रवाल के स्तर पर परफॉर्मेंस ऑडिट की जा रही है. नॉन परफॉर्मर अभियंताओं पर कार्रवाई की जा सकती है साथ ही उन्हें फील्ड से भी हटाया जाना तय है. "

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