राजसमंद। गौधाम महातीर्थ पथमेड़ा लोक पुण्यार्थ न्यास की ओर से गुजरात के गांधीनगर जिले में भाट टोल बूथ के समीप सुरभि शक्तिपीठ स्थल पर अंतर्राष्ट्रीय श्रीराधादामोदर तुलसी मंगल महोत्सव का आयोजन हुआ।

जिसमें राजसमंद से धेनु गौपाल गौशाला सियाणा व आमेट, कुंवाथल तीनो गौशालाओं से ठाकुरजी की बारात महोत्सव में शामिल हुई। इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम में राजसमंद से तीन बस व निजी वाहनों से राजसमंद से ठाकुरजी की बारात गुजरात पहुंचने पर वहां स्वागत करने के बाद स्नाह करवाया। इसके बाद ठाकुरजी के वस्त्र धारण करवाकर ठाकुरजी का तुलसी के साथ विवाह हुआ।

इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम 5252 तुलसी व शालीग्राम विवाह हुए। इस अंतर्राष्ट्रय तुलसी विवाह में देश के कई बड़े संतों का समागन हुआ। कार्यक्रम में महोत्सव में द्वारका की शारदापीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी,पथमेड़ा गौधाम महातीर्थ आनंदवन के गौवत्स राधाकृष्ण महाराज, स्वरूपानंद सरस्वती, जगन्नाथपुरी की गोवर्धनपीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, चित्रकूट स्थित तुलसीपीठ के स्वामी रामभद्राचार्य, भाग्यनगर के स्वामी चिन्नाजीयर, निम्बार्क तीर्थ के स्वामी श्यामशरणदेवाचार्य, बक्सर के लक्ष्मीप्रपन्न जीयरस्वामी, ग्वाल संत श्री गोपाल नंद सरस्वती महाराज, हरिदास जी महाराज आडावाडा, बालकृष्ण जी महाराज भीलवाड़ा सहित कई संत शामिल हुए। इस महोत्सव मे राजसमंद से गौ भक्तो ने अपनी उपस्थिति दी.

5252 तुलसी-शालीग्राम विवाह
4 नवंबर को कार्तिक शुक्ल एकादशी पर अखिल ब्रह्मांडाधिपति गोपालकृष्ण के 5252वें अवतरण वर्ष पर राधा दामोदर तुलसी मंगल महोत्सव के तहत कार्तिक व्रत अनुष्ठानपूर्वक 5252 तुलसी-शालीग्राम विवाह का आयोजन किया । अपराह्न 3 बजे बारात स्वागत के बाद गौधूली वेला में पाणिग्रहण हुआ । इस अवसर पर संतो-महंतों के सानिध्य में देशभर के 5252 राधा-दामोदर उपासक दंपती यजमान बनें.

देशभर के प्रमुख संत ने दिया आशीर्वाद
महोत्सव में द्वारका की शारदापीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती, जगन्नाथपुरी की गोवर्धनपीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, चित्रकूट स्थित तुलसीपीठ के स्वामी रामभद्राचार्य, भाग्यनगर के स्वामी चिन्नाजीयर, निम्बार्क तीर्थ के स्वामी श्यामशरणदेवाचार्य, बक्सर के लक्ष्मीप्रपन्न जीयरस्वामी, उडुपि के स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, अयोध्यापुरी की मणिरामदास छावनी के महंत नृत्यगोपालदास, मथुरा-रमणरेती के स्वामी गुरुशरणानंद, बिजवासन गोलोकधाम के स्वामी गोपालशरणदेवाचार्य, श्रीधाम वृंदावन की मलूकपीठ के स्वामी राजेंद्रदास देवाचार्य, हरिद्वार के जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंदगिरि, आसोतरा के ब्रह्मधाम के ब्रह्माचार्य तुलसाराम सहित देशभर के प्रमुख संत आशीर्वाद दिया।
महोत्सव को सफल बनाने में न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल, जयगोपाल अग्रवाल, प्रभुदयाल अग्रवाल, सुभाषचंद्र जोड़ीवाल, प्रवीणसिंह मोरी, मदरूपसिंह राव, रामजी पटेल, अचला राजगुरु, कंकुदेवी हंजारीमल रायगुर, किरण राजगुरु, कौशल्यादेवी गुरमुखदास जसनानी, सांवरमल पोद्दार, देवाराम जागरवाल, प्रभुजी रायगुर, दानाराम चौधरी, महेंद्र व भूपेंद्र राजगुरु, कस्तुर जोशी, धापूदेवी सामताराम जोशी, गोपीराम गुप्ता, सत्यनारायण जागरवाल, गजानन कंसल, राजकुमार व प्रदीपकुमार अग्रवाल, मदनलाल अग्रवाल, किशनलाल जोड़ीवाल, यमुनाकंवर राजगुरु, सीतादेवी मोडाराम राजपुरोहित, सुरेश राजपुरोहित आदि जुटे थे.

गायों की व्यवस्था के बारे में की मांग
गोस्वामी द्वारकेशलाल महाराज कि माँग थी की गौसंरक्षण कानून बनाने का काम सरकार का है। गौसंवर्धन का काम संतों व समाज का है, सरकार कानून बनाएगी तो उसका स्वागत करेंगे। ब्रह्मचारी मुकुंदप्रकाश नेकहा कि सडक़ों पर घूमने वाली गायों के बारे में उचित व्यवस्था करने के बारे में महोत्सव में चर्चा करने के बाद सरकार से मांग की जाएगी।

