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राजस्थान / किसानों, उद्योगों एवं घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिलों के भुगतान में दी गई राहत अब 30 जून तक

किसानों, उद्योगों एवं घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिलों के भुगतान में दी गई राहत अब 30 जून तक
Rajsamand today ✍️✍️ Suresh bagora May 30, 2020 09:53 PM IST

 

जयपुर, 30 मई। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कोरोना महामारी के कारण किसानों, उद्योगों एवं घरेलू उपभोक्ताओं को 2 अप्रेल को विद्युत बिलों के भुगतान में राहत देने की घोषणा की थी। लाॅकडाउन की अवधि 31 मई तक बढ़ने के कारण मुख्यमंत्री ने अब इन राहतों की अवधि 30 जून, 2020 तक बढ़ाने का निर्णय किया है। पूर्व में ये राहतें 31 मई तक के लिए दी गई थीं। 

विद्युत विभाग द्वारा ये राहतें दी गई थीं - 

विद्युत बिलों के भुगतान नहीं होने पर कोई विद्युत कनेक्शन 31 मई तक नहीं काटे जाने के निर्देश दिए थे।

राज्य सरकार ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों के विद्युत कनेक्शन के मार्च एवं अप्रैल माह के उपभोग के बिल जो अप्रैल एवं मई में जारी होंगे, उनमें फिक्स्ड चार्ज (स्थाई शुल्क) को लाॅकडाउन अवधि के अनुपात में 31 मई, 2020 तक स्थगित (डेफर) किया था। 

इसी प्रकार राजकीय प्रतिष्ठान एवं लाॅकडाउन से मुक्त प्रतिष्ठानों को छोड़कर अन्य सभी अघरेलू (व्यावसायिक यथा-पर्यटन से संबंधित प्रतिष्ठान, शोरूम, दुकान, होटल, वर्किंग हाॅस्टल आदि) के करीब 11 लाख कनेक्शनों के मार्च एवं अप्रैल माह के विद्युत बिलों के फिक्स्ड चार्ज को लाॅकडाउन अवधि के अनुपात में 31 मई, 2020 तक डेफर किया गया था। 

राज्य सरकार ने कोरोना से उत्पन्न संकट की इस घड़ी में किसानों को संबल देने के लिए कृषि उपभोक्ताओं के मार्च में जारी बिल तथा अप्रैल एवं मई में जारी होने वाले बिलों का भुगतान भी 31 मई, 2020 तक स्थगित किया था। 

राज्य सरकार ने ऐसे कृषि एवं घरेलू कनेक्शन जो बकाया राशि के कारण 31 मार्च, 2019 से पहले काटे गए थे, उनके लिए एमनेस्टी योजना की अवधि भी 30 जून, 2020 तक बढ़ाई थी। 

कोरोना संकट के कारण घरेलू उपभोक्ताओं को विद्युत बिलों के भुगतान में आ रही परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार ने 150 यूनिट प्रतिमाह तक उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं के मार्च एवं अप्रेल माह के उपभोग के बिलों का भुगतान 31 मई तक स्थगित करने का निर्णय किया था। 

ऽ कृषि एवं घरेलू श्रेणियों के सभी उपभोक्ता 31 मई, 2020 तक बिलों का भुगतान करेंगें तो उन्हें आगामी बिल में भुगतान की गई राशि की 5 प्रतिशत छूट दी गई थी।

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