राजस्थान कांग्रेस में चल रही सियासी सरगर्मियों के बीच पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट सोमवार को दिल्ली से जयपुर पहुंच गए। पायलट एक सप्ताह के बाद जयपुर लौटे है। ऐसे में उनके जयपुर आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल हो गई है। पायलट के जयपुर लौटते ही उनके सरकारी आवास कई समर्थक विधायक और मंत्री पहुंच गए। गहलोत सरकार में मंत्री मुरारी लाल मीणा और विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने पायलट से मुलाकात और राजनीतिक मंत्रणा की। हालांकि पायलट लगातार अपनी चुप्पी बनाए हुए हैं और कोई भी ऐसा बयान नहीं दे रहे हैं जिससे राजनीतिक गणित पर असर पहुंचे।
नहीं हो पाई थी विधायक दल बैठक:
पायलट पिछली 25 सितंबर को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भाग लेने के लिए सीएम आवास पहुंचे थे लेकिन देर रात तक भी गहलोत समर्थक विधायकों की नाराजगी के चलते नहीं विधायक दल की बैठक नहीं हो पाई थी और ऐसे में आलाकमान को एक लाइन का प्रस्ताव भी अटक गया था। वहीं ऐसे में अब हर किसी की निगाह पायलट के अगले कदम पर बनी हुई है। वहीं उच्च सूत्रों के अनुसार 19 अक्टूबर को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद चुनाव तक राजस्थान को लेकर कोई फैसला होने की उम्मीद बहुत कम है। कांग्रेस अध्यक्ष के लिए 17 अक्टूबर को पीसीसी मुख्यालय में मतदान होगा। इसमें राजस्थान से भी 400 पीसीसी मेंबर वोट देंगे।
तीन नेताओं को कांग्रेस ने दिए थे नोटिस -
गौरतलब हैं कि राजस्थान में चले कांग्रेस के घटनाक्रम और समानांतर विधायक दल की बैठक चलाने के मामले में प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने अपनी रिपोर्ट सोनिया गांधी को भेजी थी। इसके बाद पार्टी की अनुशासन समिति ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया और 10 दिन में जवाब देने को कहा है। इसके बाद जोशी तो अपना पक्ष रखने के लिए एआईसीसी गए थे और वहां कई नेताओं से मुलाकात की थी।
पायलट पिछली 25 सितंबर को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भाग लेने के लिए सीएम आवास पहुंचे थे लेकिन देर रात तक भी गहलोत समर्थक विधायकों की नाराजगी के चलते नहीं विधायक दल की बैठक नहीं हो पाई थी और ऐसे में आलाकमान को एक लाइन का प्रस्ताव भी अटक गया था। वहीं ऐसे में अब हर किसी की निगाह पायलट के अगले कदम पर बनी हुई है। वहीं उच्च सूत्रों के अनुसार 19 अक्टूबर को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद चुनाव तक राजस्थान को लेकर कोई फैसला होने की उम्मीद बहुत कम है। कांग्रेस अध्यक्ष के लिए 17 अक्टूबर को पीसीसी मुख्यालय में मतदान होगा। इसमें राजस्थान से भी 400 पीसीसी मेंबर वोट देंगे।
तीन नेताओं को कांग्रेस ने दिए थे नोटिस -
गौरतलब हैं कि राजस्थान में चले कांग्रेस के घटनाक्रम और समानांतर विधायक दल की बैठक चलाने के मामले में प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने अपनी रिपोर्ट सोनिया गांधी को भेजी थी। इसके बाद पार्टी की अनुशासन समिति ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया और 10 दिन में जवाब देने को कहा है। इसके बाद जोशी तो अपना पक्ष रखने के लिए एआईसीसी गए थे और वहां कई नेताओं से मुलाकात की थी।
जोशी की सफाई और संदेश
राजस्थान की कांग्रेस सियासत के खेल में कारण बताओ नोटिस का सामना कर रहे सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक से मुलाकात की थी। माना जा रहा हैं कि जोशी ने वासनिक से पिछले रविवार को जयपुर में हुए घटनाक्रम को लेकर अपनी सफाई दी हैं। जोशी ने एआईसीसी मुख्यालय में वासनिक से चर्चा की और उन्हें सारी स्थिति भी बताई। इस बीच जोशी ने एक टवीट भी किया था जिसमें उन्होंने ये कहा हैं कि प्रदेश के कांग्रेसजनों की आलाकमान में पूरी निष्ठा हैं और हर कांग्रेसजन के लिए उनका आदेश, आज्ञा और दिशा निर्देश शिरोधार्य हैं।
राजस्थान की कांग्रेस सियासत के खेल में कारण बताओ नोटिस का सामना कर रहे सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक से मुलाकात की थी। माना जा रहा हैं कि जोशी ने वासनिक से पिछले रविवार को जयपुर में हुए घटनाक्रम को लेकर अपनी सफाई दी हैं। जोशी ने एआईसीसी मुख्यालय में वासनिक से चर्चा की और उन्हें सारी स्थिति भी बताई। इस बीच जोशी ने एक टवीट भी किया था जिसमें उन्होंने ये कहा हैं कि प्रदेश के कांग्रेसजनों की आलाकमान में पूरी निष्ठा हैं और हर कांग्रेसजन के लिए उनका आदेश, आज्ञा और दिशा निर्देश शिरोधार्य हैं।

