राजसमंद. यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो)-2012 की विशेष अदालत ने तीन साल पुराने एक गैंगरेप के मामले में आरोपी दो चचेरे भाइयों को शनिवार को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 20-20 हजार रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया।
विशिष्ट लोक अभियोजक राहुल सनाढ्य ने बताया कि दुष्कर्म के आरोपी दिनेश माली व लोकेश माली निवासी कुरज का वाडिय़ा हैं, जिन्हें पॉक्सो कोर्ट, राजसमंद के न्यायाधीश सुनील कुमार पंचोली ने सजा सुनाई।
प्रकरण के मुताबिक 13 जुलाई, 2019 को पीडि़ता अपने पिता के साथ कुंवारिया थाने में गई और लिखित रिपोर्ट पेश की थी। उसमें बताया कि 9 जुलाई को वह उसके गांव में ही एक बंदोली में शामिल होने गई थी, जहां से रात में पैदल अपने घर की तरफ जा रही थी। रास्ते में दिनेश और लोकेश मिले। वह दोनों चचेरे भाई हैं। दिनेश ने उसे आवाज लगाई तो वह रुकी। दिनेश ने उसका हाथ पकड़कर घर के गेट के अंदर खींच लिया व उसका मुंह दबा दिया। वहां से दिनेश व लोकेश उसे खींचकर घर के पीछे खेत में ले गए। कुएं में डालने की धमकी देकर दिनेश ने कुएं के पास जबरदस्ती उसे नीचे पटक दिया। डरा-धमकाकर दिनेश ने उसके साथ बलात्कार किया। लोकेश माली कुएं से दूर से ही निगरानी करता रहा एवं धमकियां देता रहा। घटना के दौरान अभियुक्तगण ने पीडि़ता को धमकी दी कि अगर वह इस घटना के बारे में घर जाकर बताएगी तो उसे जिंदा ही कुएं में डाल देंगे। डर के मारे पीडि़ता चुप रही।
15 गवाह, 17 दस्तावेज पेश
कुंवारिया थाना पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान पूरा किया और पोक्सो कोर्ट, राजसमंद में दोनों आरोपियों के विरुद्ध चालान पेश किया। न्यायालय में पीडि़ता व राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए विशिष्ट लोक अभियोजक राहुल सनाढ्य ने 15 गवाह तथा 17 दस्तावेज पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त दिनेश माली व लोकेश माली को पीडि़ता से जबरन दुष्कर्म करने का दोषी माना। अदालत ने आईपीसी की धारा 376-डी के तहत गैंगरेप का दोषसिद्ध मानते हुए उन्हें 20-20 साल के वर्ष कठोर कारावास तथा 20,000-20,000 रुपए के जुर्माने से दंडित किया।

