राजसमन्द 25 अप्रैल/ जिला कलक्टर एवं मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार पोसवाल ने एक आदेश जारी कर अक्षय तिथियां आज और 26 अप्रैल को एवं 7 मई को पीपल पूर्णिमा पर्व एवं आसपास के दिवसों में होने वाले बाल विवाहों को रुकवाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच एवं ग्राम पंचायत की अध्यक्षता में प्रशासनिक कमेटी का गठन किया है।
आदेशानुसार प्रशासनिक कमेटी में संबंधित ग्राम पंचायत के पटवारी, ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव, स्वास्थ्य कार्यकर्ता या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, बीट कॉन्स्टेबल, कृषि पर्यवेक्षक, वार्ड पंच एवं ग्राम पंचायत में संचालित शिक्षा संस्थान के प्रधानाध्यापक या प्रधानाचार्य होंगे।
गठित कमेटी अक्षय तृतीया से पूर्व अपनी पंचायत के गांवों का दौरा कर सुनिश्चित करेगी कि गांव में बाल विवाह तो नहीं किया जा रहा है। अभिभावकों या संरक्षकों को बाल विवाह के दुष्प्रभाव एवं बाल विवाह करने पर कानूनी प्रावधानों से अवगत कराते हुए बाल विवाह रुकवाने की समझाइश करेंगे। यदि समझाइश इसके बावजूद भी बाल विवाह नहीं रोकते है, तो तत्काल संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट (बाल विवाह निषेध अधिकारी), तहसीलदार, विकास अधिकारी एवं थाना अधिकारी को सूचना करेंगे। कमेटी बाल विवाह में पंडित, बैंड वाले, घोड़े वाले, टेंट वाले, फोटोग्राफर, हलवाई, बस एवं जीप मालिकों, संचालकों को भी पाबंद करेगी कि वह बाल विवाह में किसी भी तरह का सहयोग नहीं दें। सहयोग देने की सूचना मिलने पर कानूनानुसार कार्यवाही की जाऎगी।

