विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के मौके पर भावना पालीवाल की जुबानी कैसे बदल रही है समाज में मासिक धर्म की सोच

56000 निशुल्क सेनेटरी पैड बांटे पुरे जिले में 250 से अधिक कार्यशालाए आयोजित की
देवगढ़ की भावना शिक्षा के साथ जागरूकता से बदल रही पुरानी सोच
न मुँह छुपा के जिए हम न सर झुका के जीये : भावना पालीवाल
राजसमन्द (देवगढ़) : सालो पहले मासिक धर्म को लेकर कई मिथक थे वो सभी संसाधनों की कमी के कारण थे पुराने ज़माने में न तो सिले हुए कपडे थे ना सेनेटरी नेपकिन यही वजह है की महिलाओ को मासिक धर्म के दोरान एक ही जगह रखा जाता था लेकिन बदलते दोर में सब कुछ बदल गया है लेकिन आज भी मासिक धर्म को लेकर समाज और परिवार की चुप्पी और बंदिशे लगाकर उन्हें अकेला रख उन्ही बातो का पालन कराना गलत है । इसी मोन और चुप्पी को तोड़ने के लिए राजसमन्द जिले के देवगढ़ की रहने वाली भावना पालीवाल पिछले 12 वर्षो से कार्य कर रही है । आज विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस है माहवारी की बात होते ही लड़कियों और महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव की तस्वीर उभरने लगती है । खासकर ग्रामीण और कामकाजी महिलाओं को इस भेदभाव से दो-चार होना पड़ता है इस को लेकर भावना पालीवाल द्वारा देवगढ़ ही नहीं जिले कई के कई अलग अलग गांवो मे पिछले बारह वर्षो से ‘चुप्पी तोड़ो सयानी बनो स्त्री स्वाभिमान चलाया जा रहा है । जिसके अन्दर गाँव गाँव पीरियड पाठशाला लगाई जाती है । पालीवाल बताती है की न मुँह छुपा के जिए हम न सर झुका के जीये मासिक धर्म कोई अपराध नहीं जो स्वयं सृष्टि का आधार है वो केसे अपवित्र हो सकती है समाज में आज मासिक धर्म को लेकर शर्म के कारण अभी भी काफी लोग इस बारे में खुलकर बातें नहीं करते जिससे अन्धविश्वास फेलता है । लोगों को समझना होगा कि ये दाग अच्छे हैं सिर्फ बदलनी है सोच मासिक धर्म प्रकृति की ओर से दिया गया महिलाओं को एक तोहफा है । इन्ही सब बातो के लेकर झिझक तोड़ पीरियड के दिनों को लेकर चर्चा कर उनके मन की तमाम भ्रांतियों को दूर किया जाता है वही अब बदलाव स्वरुप हजारो महिलाये और युवतिया हाथो पर लाल बिंदी लगाकर इस अनूठे अभियान का हिस्सा बनी है । पालीवाल द्वारा इस प्रकार के अभियान को लेकर अब उन्हें जिले में पैडवुमन के नाम से जाना जाता है । वर्तमान में पालीवाल राजस्थान के पत्रिका 40 अंडर 40' राजस्थान की पावर लिस्ट 2.0 में शामिल हुई है ।

मजाक भी उड़ाया ताने भी सुनाये
शुरुआत में कई लोगो ने इस प्रकार की चर्चा को लेकर हीन भावना से देखा कई बार लोगों के ताने सुनने पड़े ओर समस्याओं का सामना भी करना पड़ा, कई लोगो ने मज़ाक उड़ाया और कई भी इस प्रकार की बात शुरू होती तो पुरुष लोग उठकर चले जाते और साथ में महिलाये भी लेकिन भावना ने हिम्मत नहीं हारी । भावना ने अपना मिशन जारी रखा और पिछले 12 वर्षो से सेनेटरी पैड यात्रा के तहत पीरियड पाठशाला पर जिले की कई पंचायतो में 55000 से अधिक सेनेटरी पेड़ बांटकर 250 से अधिक कार्यशालाए की । इन सभी कार्यो के पीछे भावना का एक ही उद्देश्य आपकी कोन करेगा शुरुआत इसका इंतजार मत करिए आपकी एक कोशिश हजारो का जीवन बदल सकती है

पूरी प्रक्रिया की इस प्रकार देती है जानकारी
पालीवाल गाँव की चोपाल पर, गली मोहल्लो मे, स्कूल मे, कॉलेज मे, ग्राम पंचायत मे महिलाओ ओर युवतियो को एक जगह एकत्रित कर माहवारी पर 2 से 3 घंटे की कार्यशाला मे अनियमित माहवारी, कारण, लक्षण, इलाज, पीरियड्स में क्या है नॉर्मल, क्या है ऐब्नॉर्मल? मासिक धर्म चक्र के चरणों, मासिक धर्म की उम्र और मासिक धर्म की समस्याओं के बारे में जानकारी प्रदान करती है । आज भी कई जगह पर बच्चिया इस बारे में अपनी मां से भी बात करती हैं, और शर्म के चलते कई माताए भी बच्चियों से खुलकर बातें नहीं करतीं इन्ही सभी सवालों के जवाब उन्हे इस कार्यशाला मे मिल जाते है। पालीवाल कार्यशाला में उन्हे सेनेटरी पेड का वितरण कर उन्हे निस्तारण संबन्धित सभी जानकारी देती है।

पैडवुमन पालीवाल को अभियान को मिले सम्मान
पालीवाल द्वारा चलाई जा रही मासिक धर्म पर पीरियड पाठशाला को भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद, महिला अधिकारिता विभाग राजस्थान सरकार से मंत्री ममता भूपेश, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग, राजसमन्द सांसद दिया कुमारी, जयपुर ग्रामीण सांसद राज्यवर्धन सिंह राठोड़, भीम देवगढ़ विधायक सुदर्शन सिंह रावत, मावली विधायक धर्म नारायण जोशी, पूर्व मगरा विकास बोर्ड अध्यक्ष हरी सिंह रावत द्वारा सराहना की वही वोडाफोन इंडिया फाउंडेशन द्वारा देश की वुमन ऑफ वंडर का ख़िताब, इंटरनेशनल यूथ सोसायटी द्वारा राष्ट्रीय महिला गौरव अवार्ड, विप्र फाउंडेशन द्वारा देश के तेजस्विनी महिला, हरियाणा में महिला रत्न अवार्ड, महिला अधिकारिता विभाग द्वारा राजसमन्द की विशिष्ट महिला सहित कई संस्थाओ द्वारा पालीवाल के कार्यो को सम्मान मिला है ।


