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राजसमन्द / गोपाल नन्दवाना हत्या कांड के खुलासे को लेकर ब्राह्मण एकता मंच ने की सांसद से की मुलाकात

गोपाल नन्दवाना हत्या कांड के खुलासे को लेकर ब्राह्मण एकता मंच ने की सांसद से की मुलाकात
Rajsamand today ✍️✍️ Suresh bagora January 20, 2021 08:55 PM IST

गोपाल नन्दवाना हत्या कांड के खुलासे को लेकर ब्राह्मण एकता मंच ने की सांसद से की मुलाकात

मेवाड़ ब्राह्मण एकता मंच के पदाधिकारियों ने चितोड़ सांसद सीपी जोशी के आज राजसमन्द प्रवास पर मिल कर गोपाल नन्दवाना हत्या कांड के खुलासे की मांग की। एकता मंच के जिला संयोजक नर्बदा शंकर पालिवाल ने बताया कि एक माह होने आया और राजसमन्द पुलिस अब तक हत्या का खुलासा नही कर पाई है । इससे सम्पूर्ण ब्राह्मण  समाज में आक्रोश है इस पर सांसद ने मौके पर ही राजसमन्द पुलिस अधीक्षक को फोन कर सक्षम अधिकारी से जांच कर हत्या के खुलासे का आग्रह किया। इस मौके पर ब्राह्मण एकता मंच के श्रीकृष्ण पालिवाल, जगदीश पालिवाल, भरत पालिवाल ,गौरव जोशी ,हितेश पालिवाल, फुलेश भार्गव सहित क्षत्रिय समाज के महेंद्र सिंह चौहान, मानसिंह बाहरथ भी उपस्थित थे।

क्या है गोपाल हत्याकांड

नंदवाना समाज, युवा ब्रह्मशक्ति मेवाड़, मेवाड़ ब्राह्मण एकता मंच, सर्व ब्राह्मण समाज, जैन समाज, मुस्लिम समाज, प्रजापत समाज, समस्त व्यापार मंडल, माहेश्वरी समाज, टांक समाज सहित अन्य समाजों के प्रतिनिधियों ने साेमवार सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर अरविंद पाेसवाल काे ज्ञापन साैंपकर 4 दिसंबर रात्रि दुपहिया वाहन शोरूम संचालक गोपाल नंदवाना का शव पेड़ से लटका मिला और संग्दिध माैत काे हत्या मानते हुए आराेपियाें काे गिरफ्तार करने की मांग की। नंदवाना समाज ने नंदवानावास राजनगर से माैन जुलूस निकालते हुए हाथाें में तख्तियां लेकर गाेपाल काे न्याय दाे के नारे लिखे हाेकर कलेक्ट्रेट के गेट पर प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन साैंपा। ज्ञापन में बताया कि नंदवानावास राजनगर निवासी गाेपाल 33 पुत्र राजेंद्र नंदवाना 3 दिसंबर दाेपहर 12 बजे रिश्तेदार के विवाह का निमंत्रण पत्र लिख रहा था तभी फाेन आया और करीब सवा एक बजे मिलने काे बाेलकर उठकर घर से चला गया। एक घंटे बाद फाेन लगाया ताे फाेन बंद आया।

परिजनाें ने चिंता व्यक्त करते हुए राजनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई। दूसरे दिन 4 दिसंबर शाम साढ़े 6 बजे गाेपाल की माैत हाेने की समाचार मिला ताे परिजन और दाेस्त परावल पहुंचे और देखा ताे गाेपाल का शव पेड़ से लटका था, जाे की लगभग उसकी लंबाई से कम ऊंचाई पर लटका था, उसके पैर के पंजे, एडिया जमीन पर टिकी हुई थी। ज्ञापन में मांग करते हुए अविलम्ब 3 दिन में गाेपाल की हत्या का राजफार्श कर आराेपियाें काे गिरफ्तार करने की माँग की।

 

पूर्व में प्रशासन का कहना था

 

एफएसएल प्रभारी अभय प्रतापसिंह ने बताया कि संभवतया गदापाल नंदवाना 4 दिसंबर काे गांवगुड़ा राेड पर अपनी बाइक खड़ी की अपने हाथ की नशे काटी और ब्लेड काे फेंक दिया। उसके बाद झाड़ियाें काे हटाते हुए अंदर की तरफ गया और एक पत्थर पर बैठ गया। जहां खून के निशान लगे हुए हैं। पत्थर से वापस उठकर आगे बढ़ने लगा और बाइक रखने के स्थान से करीब 50 मीटर अंदर जाने के बाद जिस पेड़ पर फंदा लगाकर लटका, उसी पेड़ के नीचे लगे पत्थर पर बैठ गया और फंदा बनाने का प्रयास करने लगा। उस पत्थर पर भी गाेपाल के खून लगे हुए हैं। गाेपाल एक पत्थर पर खड़ा हाेकर फंदा बनाने लगा हाेगा की वह पत्थर गाेल हाेने के कारण लूढ़क गया और गाेपाल संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया।

जिससे गाेपाल के कंधाें, मुंह व सिर में मिट्टी लगी हैं। गाेपाल वापस खड़ा हाेकर पेड़ से पर फंदा बनाया। फंदा बनाने के बाद संभवतया लटकने का प्रयास किया और जिस पत्थर पर चढ़कर लटका वह पत्थर का संतुलन भी बिगड़ गया और गाेपाल पत्थर से नीचे आ गया। अचानक नीचे आने से गले की हड्डी पर जाेर हाेने लगा और हड्डी टूट गई जिसे गाेपाल की माैत हाे गई। गाेपाल के शरीर पर काेई चाेट और हाथापाई के निशान नहीं हैं। मिट्टी और खून के सैंपल लेकर विधि विज्ञान प्रयाेग शाला में भेज दिए हैं। जिसकी जांच हाेने के बाद पता चल जाएगा।

गाेपाल की जेब से मिला वकील का नोटिस
जांच अधिकारी एएसआई शांतिलाल ने बताया कि गाेपाल की पेंट की जेब से निकले पर्स में राजसमंद के वकील माेहम्मद इरशाद खान के नाम से नोटिस मिला है, जिसमें इरशाद ने 13 अक्टूबर काे जारी कर नोटिस में लिखा कि श्री सांवरिया क्रेडिट काॅ-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड से 22 अगस्त 2018 काे व्यापारिक कारणों से एक लाख रुपए काे लाेन लिया था, जाे किश्तें समय पर नहीं देन से एक लाख 17 हजार 175 रुपए चुकाने के लिए सोसायटी काे 25 सितंबर 2020 काे एचडीएफसी बैंक का 000011 नंबर का चेक दिया, जाे बैंक खाते में अपर्याप्त राशि हाेने पर बैंक ने बिना रुपए दिए लाैटा दिया। जिसे रुपए देने काे लेकर 15 दिन का समय देकर रुपए अदायगी करने के लिए मय नोटिस खर्च एक लाख 18 हजार 175 रुपए देने की मांग की नहीं देने पर कानून कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। प्रथम दृष्टियां लेन देन काे लेकर गाेपाल अवशाद में था।

 

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