कोरोना संक्रमण के दौरान सरकार द्वारा लागू किये गये लाक डाउन के दौरान सरकार की ओर से गरीब और जरुरतमंद लोगों के लिये जनप्रतिनिधीयों के मार्फत राहत सामग्री उपलब्ध करवायी जा रही है। वहीं कुछ स्थानों पर जनप्रतिनिधीयों द्वारा राजनैतिक फायदा उठाकर अपनी पार्टी के लोगों मे सामग्री वितरण मे भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया जा रहा है। लेकिन राजसमंद के भीम पूर्व विधायक और पूर्व मगरा विकास बोर्ड चैयरमैन हरिसिंह रावत ने वर्तमान विधायक सुदर्शनसिंह रावत द्वारा उनके मद से वितरण की जा रही सामग्री मे कमीशनखोरी और धांधली का आरोप लगाया है। एक पत्रकार वार्ताकर उन्होने कहा कि शिकायत के बावजूद भी प्रशासन कांग्रेस के लोगों का समर्थनकर जनता के साथ अन्याय कर रहा है। उन्होने कहा कि विधायक महोदय द्वारा मनमानी के चलते सरकार का पैसा गरीब तक नही पंहुच पा रहा है। उन्होने नौ राशन सामग्री की सूची बताते हुए कहा कि निविदा के विपरीत इसमे केवल सात सामान ही है। इसके अलावा इसमे दो किलो के बजाय एक किलो शक्कर और दो सौ ग्राम के स्थान पर केवल सौ ग्राम मिर्ची पाउडर है। जबकि इसमे मूल जरुरत आटा भी नही है और साबुन की पांच बट्टीयां गायब है। इसके साथ ही निविदा मे चार सौ छप्पन कीमत के बजाय दो सौ इकत्तीस रुपये का ही सामान है। आटा नही होने से गरीब व्यक्ति केवल मसालों का क्या करेगा। इन तमाम शिकायतों पर पूर्व विधायक ने कार्यवाही करने और गरीब जनता को राहत देने की मांग की है।

