राजसमन्द, 6 मई। जिले के षि विज्ञान केंद्र की ओर से किसानों को एडवाइजरी जारी कर दिशा निर्देश दिए है, कि किसान कोविड-19 के लॉकडान के समय में सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए तथा मुंह पर मास्क लगाकर रबी की फसल की कटाई के बाद ग्रीष्म काल में खाली पड़े हुए खेतों को मिट्टी पलटने वाले हल से गहरी जुताई कर दें। जिससे मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती रहें तथा खरीफ की फसलों पर कीट व रोगों का प्रकोप भी कम हेागा।
षि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष पी.सी. रेगर ने बताया कि किसान मई-जून में अपने दुधारू पशुओं में परजीवी नाशक एवं टीकाकरण जरूर करवाएं। पशुओं को गर्मी के मौसम में तेज धूप से बचाने के लिए छायादार जगह पर ही रखने तथा स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की आपूर्ति अवश्य करें।
केंद्र के मृदा वैज्ञानिक ड. मनीराम ने बताया कि ग्रीष्मकालीन जुलाई से षि में पैदावार की बढ़ोतरी होती है, तथा उन्होंने किसानों से ज्यादा से ज्यादा मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने का आवहन किया। षि कार्य करते समय अपने हाथों को सैनेटाईज करने एवं धोने के बारे में भी बताया।

