माहवारी से जुड़ी संकुचित सोच बदलने की जरूरत : भावना पालीवाल
देवगढ़ : ग्रामीण क्षेत्र की युवतियों के लिए महिला अधिकारिता विभाग और करियर महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में उडान योजना के अंतर्गत माहवारी स्वच्छता प्रबंधन को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की मुख्य वक्ता जिला महिला समाधान समिति सदस्य पेडवुमन भावना पालीवाल रही । पालीवाल ने विषय पर चर्चा करते हुए कहा की सामाजिक रूप से अभी भी माहवारी को शर्म और संकुचित विषय के रूप में देखा जाता है। माहवारी और सेनेट्री नैपकिन जैसे शब्दों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा करना आज भी गलत माना जाता है। यहां तक कि घर की चारदीवारियों के बीच भी बुज़ुर्ग महिलाएं इस पर बात करना पाप समझती हैं। लेकिन पीरियड्स पूर्ण रूप से सामान्य प्रक्रिया है, जिसके लिए हर किशोर लड़कियों को तैयार रहना चाहिए और उसके परिवार सहित समाज के लोगों को भी सही शिक्षा देने की ज़िम्मेदारी होनी चाहिए। इसके लिए ज़रूरी है समाज को भी इस दिशा में अपने संकुचित सोच से बाहर निकलने की, ताकि पीरियड्स शर्म का नहीं बल्कि दैनिक जीवन का विषय बन सके। इस अवसर पर किशोरियों को मासिकधर्म चक्र, व्यक्तिगत स्वच्छता, के साथ-साथ पोषण आहार के बारे में जानकारी विस्तार पूर्वक बताई गई और सेनेटरी पेड का वितरण भी किया गया । इस अवसर पर हर्षिता , कंचन सालवी, नेहा कँवर, प्रियंका कँवर, स्वाति सोलंकी, सुमन , राज श्री, प्रेमा कँवर, खुशनुमा, ऋतू रेगर, दीक्षा प्रजापत, सुखिया कँवर, राधा सालवी, जया देवी, सहित कई महिलाये ओर युवतियों ने भाग लिया ।

