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राजसमन्द / मनरेगा में पूरा काम पूरा का पूरा दाम मिले एवं एसबीमएम में एसएलडब्ल्यूएम का क्रियान्वयन करें जिला परिषद सीईओ-निमिषा गुप्ता

मनरेगा में पूरा काम पूरा का पूरा दाम मिले एवं  एसबीमएम में एसएलडब्ल्यूएम का क्रियान्वयन करें  जिला परिषद सीईओ-निमिषा गुप्ता
Rajsamand today ✍️✍️ Suresh bagora January 12, 2021 09:55 PM IST

 

    राजसमन्द 12 जनवरी। महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत ‘‘पूरा काम पूरा दाम विशेष अभियान’’ के एक दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन आज मंगलवार को  जिला परिषद सभागार में किया गया।

    कार्यशाला में  मुख्य कार्यकारी अधिकारी निमिषा गुप्ता ने कहा कि राज्य में महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत 16 दिसम्बर 2020 से 15 फरवरी 2021 तक पूरा काम पूरा दाम विशेष अभियान’’ चलाया जा रहा है। इसके तहत चयनित कार्यों पर 5-5 के समूह में कार्य विभाजन, कार्य के सही माप व कार्यस्थलों पर प्रशिक्षित मेट के नियोजन से मनरेगा श्रमिकों को मिलने वाली औसत मजदूरी में सुधार आया है। औसत मजदूरी दर में जिले का राज्य में द्वितीय स्थान है।

    उन्होंने कहा कि प्रथम पखवाड़े में जिले के चयनित 5-5 कार्यस्थलों पर औसत मजदुरी 211 रूपये आयी है। उन्होने अधिकारियों कहा कि आगामी पखवाड़ों में सम्पूर्ण जिले में औसत मजदूरी दर 220 रूपये आये। जिले में किये गये नवाचार के तहत ग्राम पंचायत नमाना में निर्मित नर्सरी की राज्य भर में सराहना हुई है तथा अन्य स्वीकृत नर्सरी कार्यों में भी ग्राम पंचायत नमाना के तर्ज पर कार्य कर निजी आय बढ़ाने के प्रयास करें।

    उन्होने अधिकारियों को औसत श्रमिक मजदूरी में सुधार लाने के लिये कार्यस्थलों का औचक निरीक्षण व प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिये। उन्होंने कार्यकारी संस्थाओं से कार्यस्थलों का बेहतर प्रबंधन करवाये, मेट व तकनीकी सहायकों को पाबन्द करें कि वे श्रमिकों को सही टास्क के आधार पर ही मजदूरी का भुगतान व उन्हें दिये गये कार्य तथा उनके द्वारा किये गये कार्य का सही नाप मस्टररोल में अंकित करें ताकि औसत मजदूरी को 220 रुपये प्रतिदिन हो सके।

    जिला परिषद सीईओ ने कहा कि नरेगा अधिनियम की मंशा के अनुसार हर श्रमिक को मजदूरी का पूरा दाम मिले। यह तभी संभव है जब कार्यस्थल पर मेट द्वारा श्रमिकों को चौकड़ी का समूहवार सही नाप दिया जाये तथा औसत मजदूरी कम आने पर वे संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही करें। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ठोस एवं तरल कचरा प्रबन्धन की डीपीआर निर्माण एवं कार्य प्रारम्भ राज्य के दिशा निर्देशानुसार हो।

    मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने समस्त विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि 15 जनवरी तक 10 गांवों में डीपीआर तैयार करना एवं 5 गांवों में कार्य प्रारम्भ करना, 31 जनवरी तक 10 नए गांवों की और डीपीआर तैयार करना एवं 15 ग्रामों में कार्य प्रारम्भ करना, 15 फरवरी तक 10 नए गांवों का चयन कर डीपीआर तैयार करना एवं 25 ग्रामों में कार्य प्रारम्भ करना, 28 फरवरी तक प्रत्येक ब्लॉक में 35 ग्रामों में कार्य प्रारम्भ किया जाना है। इसके स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण शाखा से पृथक से कलेण्डर भी जारी किया जा रहा है उसके अनुसार कार्य सम्पादन किया जाये।

    अधिशाषी अभियन्ता अनिल सनाढ्य ने ग्रुप सिस्टम, मॉनिटरिंग माप प्रपत्र और समूहवार माप प्रपत्र, मेट पुस्तिका के तकनीकी पहलुओं पर तथा योजनान्तर्गत 10 पेरामीटर की प्रगति का पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने श्रम बजट एवं जीआईएस प्लान वार्षिक कार्य योजना आदि समय पर तैयार करने के लिये कहां।

    इस अवसर पर लेखाधिकारी शिवकान्त सिंह गुर्जर, स.लेखाधिकारी सत्यनारायण लड्ढा, व.लि. सत्यनारायण चौबीसा, सहायक कार्यक्रम अधिकारी राजकुमार बंजारा, नानालाल सालवी जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, एमआईएस मेनेजर अभिषेक त्रिपाठी, प्रशिक्षण समन्वयक मंगला रॉय, पर्यवेक्षण समन्वयक शकुन्तला सेन आदि उपस्थित थे।

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