स्वच्छता के क्षेत्र में विशिष्ट स्वैच्छिक सेवा प्रदान करने एवं अपनी नौकरी छोड़ बामनटुकड़ा ग्राम पंचायत को खुले में शौच मुक्त करने के प्रयास के लिए राजसमन्द के युवा मनीष दवे को मिला राष्ट्रीय युवा पुरस्कार
राजसमन्द 12 अगस्त। जिले की पंचायत समिति राजसमन्द के बामनटुकड़ा ग्राम पंचायत के एक युवा मनीश दवे को स्वच्छता के क्षेत्र में विशिष्ट स्वैच्छिक सेवा प्रदान करने एवं अपनी नौकरी छोड़कर बामनटुकड़ा ग्राम पंचायत को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए अथक प्रयास करने तथा समुदाय के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को मान्यता प्रदान करते हुए वर्ष 2017-18 के लिए राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा पुरस्कार समारोह में केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा सम्मानित किया गया।
इससे पूर्व यह युवा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.) में कार्य करने वाले जिला संदर्भ व्यक्तियों के सम्पर्क में आया, जो उसकी पंचायत में लोगों को खुले में शौच मुक्त के लिए प्रेरित कर रहे थे। इस युवा ने उनसे चर्चा कर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.) की जानकारी ली एवं इस कार्य से स्वैच्छिक जुड़कर अपनी ग्राम पंचायत को खुले में शौच मुक्त करने में अपना पूर्ण योगदान करने का संकल्प लिया। धीरे-धीरे इस युवा की इस कार्य में रूचि बढ़ती गई एवं इसने अपनी नौकरी छोड़कर जब तक ग्राम पंचायत खुले में शौच से मुक्त नहीं हो जाती, तब तक नौकरी न करने का संकल्प भी लिया।
कार्य के प्रति इसका समर्पण देखते हुए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.) के जिला समन्वयक सालवी ने इनको जिला संदर्भ व्यक्ति के रूप में कार्य करने का प्रस्ताव दिया। जिसमें मानदेय का भी प्रावधान था, परंतु युवा द्वारा इस प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए बिना किसी मानदेय के ही अपनी ग्राम पंचायत को खुले में शौच मुक्त करने में योगदान देने की बात कही। युवा के इस निर्णय पर जिला समन्वयक एसबीएम ने भी कहा कि स्वच्छता को लेकर ऎसी सोच वाला युवा इन्होंने पहले कभी नहीं देखा। वह दूसरों युवाओं के लिए एक मिशाल है और वाकई में रियल सेनिटेशन चैम्पियन है। आज मिले राष्ट्रीय पुरस्कार से यह बात सिद्ध भी हुई है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.) की पूर्व निदेशक डॉ. आरुषी मलिक (आईएएस) भी इन्हें प्रमाण पत्र देकर इनके प्रयासों की सराहना कर चुकी है एवं जिला प्रशासन राजसमन्द द्वारा भी पूर्व में जिला स्तरीय सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.) चरण द्वितीय में भी अपने योगदान देने का लिया संकल्प
वर्तमान में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.) के द्वितीय चरण अंतर्गत ग्राम पंचायतों को आडीएफ प्लस किए जाने का कार्य किया जा रहा है। जिसमें ग्रामीण समुदाय को निम्न गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जाना है। इसके लिए मनीष दवे ने अपनी ग्राम पंचायत को भी आने वाले दिनों में ऑडीएफ प्लस में पूर्ण सहयोग करने का संकल्प भी लिया है।
क्या है ऑडीएफ प्लस
गांव में सभी विद्यालय, आंगनवाड़ी केन्द्रों, पंचायत घरों में कार्यशील शौचालय की सुविधा हो, जिसमें भी महिला एवं पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय की सुविधा होनी चाहिए। गांव में सभी सार्वजनिक स्थलों के आसपास न्यूनतम कचरा, गंदे जल का न्यूनतम ठहराव एवं प्लास्टिक कचरे का ढ़ेर नहीं न हो। पंचायत में घरों में और सभी विद्यालय, आंगनवाडी केन्द्रों, पंचायत में बायोडिग्रेबल कचरा प्रबंधन के लिए सामुदायिक कम्पोस्ट पिट की व्यवस्था भी आव8यक रूप से होनी चाहिए। पंचायत में घरों में और सभी विद्यालय, आंगनवाडी केन्द्रों, पंचायत में तरल कचरा प्रबंधन के लिए सामुदायिक सोक पिट एवं व्यक्तिगत सोक पिट की व्यवस्था भी उपलब्ध हो। गांव में ऑडीएफ प्लस आईईसी संदेश भी दर्शाए गए होने चाहिए। जिसमें ऑडीएफ स्थायित्व एवं शौचालय का निरंतर उपयोग, साबुन से हाथ धोना, कम्पोस्ट खड्डों के उपयोग के माध्यम से बायोडिग्रेबल कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक कचरा प्रबधंन, सोक पिट के माध्यम से तरल अपशिष्ट प्रबंधन का संदेश दिया गया हो।
इनका कहना है
बामनटुकड़ा पंचायत के इस युवा द्वारा स्वच्छता के क्षेत्र में किया गया स्वैच्छिक योगदान सराहनीय है। युवा द्वारा किए गए इस कार्य से एक नई विधा ने जन्म लिया है। जिसे युथ लेड टोटल सेनिटेशन (वाई.एल.टी.एस.) कहा जा सकता है। यानी युवा आधारित सम्पूर्ण स्वच्छता कार्यक्रम। जिसमें स्थानीय युवाओं के स्वैच्छिक सहयोग से स्वच्छता के लक्ष्यों को प्राप्त करने की रणनीति बनाई जाकर भविष्य में कार्य किया जा सकता है।

