राजसमंद जिला मुख्यालय स्थित आर के राजकीय चिकित्सालय क्वालिटी मे भले ही पूरे राज्य मे प्रथम आया हो लेकिन वास्तव मे यह अस्पताल खुद बिमार है। यहां चिकित्सकों की कमी निरंतर बनी रहती है वहीं आपरेटर के अभाव मे संसाधन भी बंद ही पडे है। कुछ दिन पूर्व एक्स रे मशीन को भी निम्बाहेडा शिफ्ट कर दिया गया। वहीं अस्पताल मे सोनोग्राफी मशीन लम्बे समय से बंद पडी है। जिसके कारण प्रसूताओं को निजी लैब मे जाकर जेबें कटवानी पडती है। निजी लेब से रिपोर्ट देरी से मिलने के कारण अधिक पैसा देना पडता है या मरीज को उदयपुर ले जाना पडता है। जिससे जननी शिशु सुरक्षा योजना का पूरा लाभ आमजन को नही मिल पाता है। इसके चलते राजनगर सेवा दल की स्थानीय ईकाई ने आज कलेक्टर को लिखित मे ज्ञापन दिया और जिला अस्पताल मे सोनोग्राफी सुविधा फिर से शुरु करवाने की मांग की। गौरतलब है कि जिले का सबसे बडा 150 बै़ड का अस्पताल होने से जिलेभर के मरीज यहां रैफर होकर आते है लेकिन सुविधाओं के अभाव मे या तो उनकी मौत हो जाती है या उन्हे उदयपुर रैफर करना पडता है। जिससे उनके स्वास्थ और धन दोनों की हानि होती है।

