एंकर - राजसमंद जिले के नाथद्वारा में श्रीमाली ब्राह्मण समाज मेवाड़ संस्थान द्वारा आठवां सामूहिक विवाह एवं यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कुल 53 बटुको ने जनेऊ धारण की तो वहीं 6 जोड़े सामूहिक रूप से वैवाहिक बंधन में बंधे। श्रीमाली समाज की शादी इसलिए भी अन्य शादियों से अलग है क्योंकि इसमें दूल्हा दुल्हन सात फेरों के बजाय 8 फेर लेते हैं, जिसमें चार फेरे दूल्हा दुल्हन को गोद में उठा कर लेता है। सामूहिक शादी कार्यक्रम में दुल्हो ने अपनी दुल्हनों को गोद में उठाकर अनूठी परंपरा का निर्वहन किया। इस दौरान हजारों की तादाद में समाज के लोग मौजूद रहे। आपको बता दे कि इससे पहले दूल्हा, दुल्हन और बटुकों की बिंदोली निकाली गई और फिर विधि विधान से यज्ञोपवीत संस्कार हुआ साथ ही वैवाहिक कार्यक्रम भी संपन्न हुए।

