अषोक कुमार जैन, सदस्य सचिव, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर तथा श्री गिरीष कुमार शर्मा, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमंद के निर्देषानुसार पुलिस थाना आमेट, की प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 321/19 अपराध अतंर्गत धारा 363, 366, 376 भा.द.स. एवं धारा 5/6 पोक्सो अधिनियम के तहत प्रकरण में नाबालिग पीड़िता को राजस्थान पीडित प्रतिकर स्कीम 2011 के अतंर्गत प्राप्त आवेदन संख्या 11/2020 में दिनांक 26.04.2020 को अवकाष के दिन आपात बैठक का सर्कुलेषन के माध्यम से आयोजन कर पीडिता के पुनर्वास हेतु तत्काल एक लाख पचास हजार रूपये की अंतरिम प्रतिकर राषि स्वीकृत की गयी। उक्त बैठक में श्री गिरिष कुमार शर्मा, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश), राजसमन्द के अतिरिक्त, श्री नरेन्द्र कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमंद, शिवानी सिंह, न्यायाधीश, एमएसीटी, राजसमन्द, श्री दिनेश जलुथरिया, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, राजसमन्द आदि उपस्थित रहे एवं शेष सदस्यगण श्री अरविन्द पोसवाल, जिला कलक्टर राजसमंद, श्री भुवन भुषण यादव, जिला पुलिस अधीक्षक, राजसमंद, श्री जयदेव कच्छावा, अध्यक्ष, बार एसोसिएषन के साथ प्रसारण के जरिये विचार विमर्ष किया गया। श्री नरेन्द्र कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमन्द ने उक्त प्रकरण के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गत वर्ष नवम्बर में उक्त नाबालिग बालिका का अपहरण कर 04 माह तक बंधक बनाकर यौन शोषण करने का मामला सामने आया था। जिससे नाबालिग दो माह से गर्भवती हो गई थी। इस मामलें में महिला मंच की संयोजिका श्रीमती शकुन्तला पामेचा एवं कार्यकर्ता श्रीमती गीता कंवर एवं यशोदा सोनी के विशेष सहयोग से पीडिता व उसके पिता के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में सचिव श्री नरेन्द्र कुमार द्वारा काउंसलिंग की गई। पीडिता व उसके पिता की सहमति होने के कारण लाॅकडाउन अवधि में तत्काल आवश्यक चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध करवाने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमंद द्वारा रालसा जयपुर से आवश्यक निर्देश प्राप्त होने पर थानाधिकारी आमेट को लिखा गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमन्द तथा उदयपुर ने आपस में समन्वय करते हुए तत्काल पीडिता को आवश्यक चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराने हेतु आर.एन.टी., अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उक्त प्रकरण में रविवार दिनांक 26.04.2020 को अवकाष के दिन आपात बैठक रखी जाकर पीडिता के पुनर्वास हेतु तुरंत 1,50,000/-रूपये की अंतरिम प्रतिकर राषि स्वीकृत की गई। प्राधिकरण के कार्मिक श्री नरेष ओझा, श्रीमती सुनिता गुर्जर, श्री गौरव पुरोहित, श्री नरेष जीनगर, श्री हेमन्त पालीवाल, श्री यषोदानंदन गौतम ने अवकाष के दिन कार्यालय में उपस्थित होकर बैठक के सफल क्रियान्वयन हेतु सहयोग किया।

