राजसमंद/केलवा। देवपुरा पंचायत के निचली मियारी गांव में आयोजित श्री ओंकारेश्वर महादेव प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही यज्ञ अनुष्ठान प्रारंभ हुआ, जिसमें विद्वान आचार्यों के वेद मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुतियां अर्पित कीं। पूरा पंडाल मंत्रों की गूंज और “हर-हर महादेव” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा

विधि-विधान से संपन्न हुआ यज्ञ
संत-महात्माओं के सान्निध्य में विधिवत पूजा-अर्चना और यज्ञ कर्म संपन्न हुए। ग्रामीणों एवं आसपास की विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में पहुंचे। आयोजन समिति द्वारा प्रसादी की व्यवस्था की गई, वहीं भक्ति भाव से लीन श्रद्धालु पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी बने रहे।
नानी बाई का मायरा कथा ने छुए भाव
महोत्सव के अंतर्गत आयोजित “नानी बाई का मायरा” कथा के दूसरे दिन कथा वाचक श्री व्यास जी ने भावपूर्ण शैली में कथा का वाचन किया। उन्होंने नानी बाई की भगवान के प्रति अटूट आस्था, समर्पण और विश्वास का मार्मिक प्रसंग सुनाया।
कथा में वर्णन किया गया कि सामाजिक परंपरा के अनुसार मायरा भरना सम्मान का विषय माना जाता था, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार चिंतित था। ऐसे समय में नानी बाई ने ईश्वर पर अटूट विश्वास रखा और अंततः भगवान ने स्वयं प्रकट होकर मायरा भरा। यह प्रसंग सुनते ही पांडाल “जय श्री कृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा और कई श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कथावाचक ने संदेश दिया कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास से जीवन की हर बाधा दूर की जा सकती है।
भजन-कीर्तन से भक्तिमय माहौल
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। संतों की गरिमामयी उपस्थिति और सामूहिक आरती ने वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया।
महोत्सव के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

