वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप ने स्वाभिमान की रक्षा के लिये जंगल-जंगल भटकना स्वीकार किया लेकिन अकबर की अधीनता नही स्वीकारी। महाराणा की जन्मस्थली कुंभलगढ मे आज भी ऐसा ही स्वाभिमान जिंदा है चाहे उसका रुप बदल गया हो। दरसल कुंभलगढ के कांकरवा पंचायत स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को क्वारंटाईन सेंटर बनाया गया है। जिसमे अन्य जिलों और प्रदेशों से आने वाले लोगों को क्वारंटाईन किया गया है। इन लोगों ने सरकार की ओर से दी जाने वाली मदद को बिना मेहनत स्वीकारने से इंकार कर दिया। ये लोग अन्य प्रदेशों मे अलग-अलग तरह की मजदूरी का काम करते है। जिससे इन्होने इस सरकारी विद्यालय मे रहकर ही भोजन और सेवा के बदले मजदूरी करने का विचार रखा। संस्था प्रधान द्वारा इन्हे औजार और सामग्री उपलब्ध करवायी गयी। जिसके बाद इन्होने विद्यालय के पुराने भवन की मरम्मत का काम शुरु किया। जिसमे विद्यालय मे टूटे निर्माणकार्य को दुरुस्त करवाना,रंग-रोगन,पौधारोपण और विद्युत उपकरणों और विद्युत लाईन की मरम्मत का कार्य है। लाक डाउन के इन दिनों मे विद्यालय मे सभी टूटफूट को दुरुस्त कर दिया गया है। जिससे आने वाले समय मे स्कूली बच्चों को सुविधाएं मिल पायेगी। इन लोगों के इस जज्बे को हर अधिकारी और आमलोग सलाम कर रहे है।

