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राजसमन्द / जिला बाल संरक्षण इकाई की त्रैमासिक बैठक आयोजित

जिला बाल संरक्षण इकाई की त्रैमासिक बैठक आयोजित
Rajsamand today December 30, 2020 10:25 PM IST

 

    राजसमन्द 30 दिसम्बर। बाल अधिकारिता विभाग एवं जिला बाल संरक्षण इकाई, एवं चाइल्ड एडवाइजरी बोर्ड की त्रैमासिक समीक्षा बैठक का आयोजन जिला कलक्टर एवं अध्यक्ष जिला बाल संरक्षण इकाई अरविन्द कुमार पोसवाल की अध्यक्षता में आज बुधवार को जिला कलक्टर कार्यालय में किया गया। बैठक में बाल कल्याण समिति सदस्य चंदा सोनी ने बाल कल्याण समिति के लंबित प्रकरणों की जानकारी दी।

    जिला कलक्टर पोसवाल ने बाल श्रम को रोकने के लिये सभी व्यापारिक संस्थानों के साथ बैठक कर समझाइश करने, वचनवद्ध लेने एवं मुख्य चौराहाें एवं चौखटियों एवं कारखानों के आसपास बालश्रम निषेध के बारे में जागरूकता फैलाने वाले बोर्ड व हॉर्डिंग्स लगाने के निर्देश दिये। बाल श्रम को रोकने के लिये डीएलएफटी के समन्वित प्रयासों के लिये कहा तथा शेष रहे ब्लॉक विकास अधिकारियों से जल्द वीएलसीपीसी और बीएलसीपीसी का गठन कर नियमित बैठक कराने के निर्देश दिये। उन्होंने जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बाल संरक्षण के क्षैत्र में किये जा रहे प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया एवं सभी विभागों से मिलकर और अधिक समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिये।

    बैठक में बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक कृष्णकांत सॉखला, ने जिले में संचालित राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह, अभिरक्षा गृह, विशेष गृह, शिशुगृह के बारे जानकारी दी। वीएलसीपीसी और बीएलसीपीसी के महत्व पर प्रकाश डालते हुई इनके गठन की प्रगति रिपोर्ट पेश की।

    पोक्सो एक्ट में प्रावधान की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक पोक्सो प्रकरण को बाल कल्याण समिति को भिजवाया जाना अनिवार्य है। सॉंखला ने डीएमएफटी के माध्यम से राजकीय सम्प्रेक्षण गृह, बाल अधिकारिता विभाग के लिए फण्ड का निवेदन किया जिस पर जिला कलक्टर ने सहमति दी।

    भीम विकास अधिकारी रमेशचन्द्र मीणा एवं रेलमगरा विकास अधिकारी बी.एल. विश्नाई ने ब्लॉक से संबंधित वीएलसीपीसी और बीएलसीपीसी की प्रगति रिपोर्ट पेश की। मानव तस्करी निरोधी दल प्रभारी गोवर्धन सिंह ने जिले में बाल श्रम एवं पोक्सो एक्ट अन्तर्गत दर्ज प्रकरणों में की जा रही कार्यवाही के बारे में बताया।

    श्रम निरीक्षक महेन्द्रसिंह राठौड़ ने बाल श्रम के प्रकरणों में बच्चों के बयान एवं अन्य विधिक कार्यवाही की जानकारी दी। शिशुगृह समन्वयक प्रकाशचन्द्र सालवी ने ‘‘बच्चे फेंके नहीं हमें दें’’ अभियान के तहत जिले में चिकित्सालय में स्थित पालना स्थल के बारे में जानकारी दी साथ ही कारा वेबसाईट के बारे में जानकारी प्रदान की।

    जिला समन्वयक संजय राव ने जिले में सचालित चाइल्ड लाईन द्वारा अब तक किये गये कार्यों की प्रगति एवं सीएबी गठन व उद्देश्य की जानकारी ने दी। बाल कल्याण समिति अध्यक्षा भावना पालीवाल ने हाल ही में चारे के ढ़ेर में जलने से निधन होने वाले बालक के लिये मुख्यमंत्री सहायता कोष से सहायता दिलाने एवं जिले में मानसिक विमंदित गृह खोलने के लिये निवेदन किया। बहादुर बालक ने अपनी जान पर खेलकर अपनी बड़ी बहन को जलती आग से बाहर निकालकर उसकी जान बचाई। बहादूरी पुरस्कार के लिये उसका नाम भेजने के लिये कहां। बैठक के अंत में संरक्षण अधिकारी नरेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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