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राजसमन्द / राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से की मुलाकात, राजसमंद झील संरक्षण एवं क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर की चर्चा

राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से की मुलाकात, राजसमंद झील संरक्षण एवं क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर की चर्चा
Rajsamand today March 12, 2026 05:25 PM IST

राजसमंद सांसद श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने भारत सरकार के केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत जी से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट कर राजसमंद लोकसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने राजसमंद झील, उससे जुड़े पुरातात्विक स्मारकों तथा जलस्रोतों की जर्जर स्थिति के संबंध में एक विस्तृत पत्र मंत्री श्री शेखावत को व्यक्तिगत रूप से सौंपते हुए आवश्यक कार्यवाही हेतु ध्यानाकर्षण किया।सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने अवगत कराया कि लगभग 350 वर्ष पूर्व मेवाड़ के महाराणा राज सिंह द्वारा निर्मित ऐतिहासिक राजसमंद झील आज जिले की पहचान, सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर है, किन्तु लंबे समय से रखरखाव के अभाव में झील की पाल, उससे जुड़े स्मारक तथा जलस्रोत गंभीर संकट की स्थिति में पहुंच चुके हैं।उन्होंने विशेष रूप से राजसमंद झील की पाल की जर्जर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई स्थानों पर पाल कमजोर हो चुकी है, कटाव दिखाई दे रहा है तथा अनियंत्रित रूप से उगे पेड़-पौधे इसकी संरचना को नुकसान पहुँचा रहे हैं, जिससे भविष्य में जन-धन हानि की आशंका बनी हुई है।सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने विश्व के सबसे बड़े संस्कृत शिलालेख राज्य प्रशस्ति की खराब स्थिति का भी उल्लेख करते हुए बताया कि पूर्व में की गई असावधानीपूर्ण सफाई के कारण शिलालेख के अक्षरों को क्षति पहुँची है तथा स्थल पर उचित सूचना पट एवं संरक्षण व्यवस्था का अभाव है। इसके साथ ही नौ चौकी परिसर में पर्याप्त सुरक्षा एवं स्टाफ की कमी होने से ऐतिहासिक स्मारक की सुरक्षा पर भी चिंता व्यक्त की गई।उन्होंने मंत्री जी का ध्यान राजसमंद झील के मुख्य जल स्रोत गोमती नदी पर हो रहे अतिक्रमण की ओर भी आकर्षित किया और कहा कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न होने से झील के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। साथ ही संबंधित विभागों द्वारा झील की पाल की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर नियमित तकनीकी सर्वेक्षण नहीं किए जाने का विषय भी उठाया गया।सांसद ने मांग की कि राजसमंद झील की पाल का उच्च स्तरीय तकनीकी सर्वेक्षण कराया जाए, इसके सुदृढ़ीकरण हेतु विशेष परियोजना स्वीकृत की जाए, राज्य प्रशस्ति शिलालेख का वैज्ञानिक संरक्षण कराया जाए, नौ चौकी में पर्याप्त स्टाफ नियुक्त किया जाए तथा गोमती नदी से अतिक्रमण हटाने हेतु विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही राजसमंद झील एवं उससे जुड़े स्मारकों को राष्ट्रीय महत्व की ऐतिहासिक विरासत एवं पर्यटन विकास परियोजना के अंतर्गत शामिल करने का आग्रह भी किया गया।भेंट के दौरान सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने राजसमंद लोकसभा क्षेत्र के अन्य पर्यटन स्थलों के विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सभी विषयों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से समन्वय कर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राजसमंद झील सहित पूरे क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी।

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