राजसमन्द,14 सितम्बर/ राजस्थान राज्य बाल संरक्षण आयोग द्वारा राज्य भर
में किए जा रहे औचक निरीक्षणों की कडी में आज सदस्य शैलेन्द्र पण्डया ने सोमवार को जिले में औचक निरीक्षण किया।
केलवा थाना क्षेत्रा के जैतपुरा में कावेरी मिनरल पाउडर प्लांट परिसर में खेल रहे की ट्रेलर से कुचलने पर हुई मौत पर संज्ञान लेते हुए आयोग सदस्य ने घटना स्थल पहुंचकर फेक्ट्री मालिक को फैक्ट्री में तलब किया। इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा के लिए किये जाने वाले कार्य यथा फेक्ट्री परिसर में फेंसींग लगाने एवं सभी बच्चों को शिक्षा से जोडने के निर्देश दिए। बालक के माता-पिता के गांव से लौटने के पश्चात मोटर वाहन दुर्घटना बीमा क्लेम के लिए आवेदन में सहायता कराने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात बाल आयोग सदस्य शैलेन्द्र पंडया ने आस-पास की फेक्ट्रियों का औचक निरीक्षण किया एवं फैक्ट्री मालिकों को सुरक्षा उपकरण श्रमिकों को देने एवं बालश्रम नहीं करवाने, बच्चों को शिक्षा से जोडने के लिए निर्देश दिये। सिलकोसिस से बचाव के उपाय अपनाने को कहा एवं सिलकोसिस पीडित को सरकार की तरफ से दिये जाने वाले लाभ यथा पालनहार योजना इत्यादि से जोडने के लिए कहा।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नरेन्द्र कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने पर बालक को पीडित प्रतिकर योजना के तहत भी लाभ दिलाया जा सकता है। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक कृष्ण कांत सांखला एवं बाल कल्याण समिति अध्यक्षा भावना पालीवाल को 15 दिवस में पुनः फेक्ट्री में जाकर बच्चों की सुरक्षा के लिए फेक्ट्री मालिक द्वारा किये जाने वाले कार्यो की पूर्णता को एवं बालक तथा श्रमिकों के हितों को सुनिश्चित करने को निर्देशित किया।
मानव तस्करी निरोधक दल प्रभारी श्यामराज सिंह को विभिन्न फेक्ट्रियों में बालश्रम को रोकने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। फेक्ट्री बाॅइलर इंस्पेक्टर एवं जिला श्रम अधिकारी को इस क्षेत्रा की फेक्ट्रियों का संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने को कहा। इस अवसर पर निरीक्षण के दौरान आसरा विकास संसथान निदेशक भोजराजसिंह एवं चाईल्डलाईल की टीम भी आदि उपस्थित रहे।

