आमेट ब्लॉक के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न
राजसमंद, 3 मार्च। परिवार कल्याण सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमो में लक्ष्यो को प्राप्त करने के लिये सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की समान भागीदारी और टीम वर्क आवश्यक है। सामुहीक प्रयासो से ही लक्ष्यों को हांसिल किया जा सकता है। इसके लिये सभी को इस वित्तीय वर्ष की शुरूआत से ही कार्य के प्रति सजग होना होगा। यह निर्देश सीएमएचओ डॉ हेमंत कुमार बिंदल ने आमेट ब्लॉक कार्यालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में दिये।
उन्होंने लोकसभा चुनाव के मध्येनजर बैठक में उपस्थित सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारीयों और सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अपने क्षैत्र में बने रहने तथा बिना सक्षम स्वीकृती के मुख्यालय नही छोड़ने के लिये निर्देशित किया। उन्होंने ई - संजीवनी टेलीमेडिसीन से अधिक से अधिक मरीजो को लाभान्वित करने के साथ ही डिजीटल आरसीएच प्रश्नोत्तरी में शत प्रतिशत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भाग लेने के लिये निर्देशित किया।
ब्लॉक स्तरीय बैठक में जिला स्तर से तैयार परफॉरमेंस इंडिकेटर्स प्रसव पूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलायें, संस्थागत प्रसव, सम्पूर्ण टीकाकरण, पुरूष नसबंदी, प्रसव पश्चात नसबंदी, अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन, ब्लड स्लाईड कलेक्शन, संभावित टी.बी रोगियो जांच, गैर संचारी रोगियो की स्क्रीनिंग, ओपीडी की संख्या एवं जांच को लेकर विस्तार से जानकारी दी तथा इंडिकेटर्स के अनुसार प्रगति सुनिश्चत करने के निर्देशित किया।
बैठक में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेश मीणा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, डिप्टी सीएमएचओ परिवार कल्याण डॉ नरेन्द्र यादव ने परिवार कल्याण कार्यक्रम, डिप्टी सीएमएचओ हेल्थ डॉ राजेन्द्र कुमार ने मौसमी बिमारीयो की रोकथाम को लेकर समीक्षा की आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
सुरक्षित खाद्य तेल तकनीक पर कार्यशाला का हुआ आयोजन
सीएमएचओ डॉ हेमंत कुमार बिंदल के निर्देशन में नमकीन, कुरकुरे, होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, मिठाई, कचौरी - समौसे विक्रेताओ के लिये खाद्य तेलो के सुरक्षित उपयोग एवं खाद्य पदार्थो में फोर्टिफिकेशन विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन टीवीएस स्थित एक होटल में किया गया।
जिसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक कुमार यादव ने जानकारी दी की नमकीन, चिप्स, कचोरी, पकोड़ी, समोसे आदि तैयार करने में खाद्य तेल को बार - बार गर्म किया जाता है जिससे उसकी गुणवत्ता तो कम होती ही है साथ ही ट्रांस फेट की मात्रा भी बहुत अधिक हो जाती है जो कि स्वास्थ्य के लिये अत्यंत हानिकारक होती है। कार्यशाला का उदे्श्य इन व्यवसायो से जुडे़ खाद्य कारोबारियों को शिक्षित करना

