सियाणा गौशाला में लंपी बीमारी से ग्रस्त गायों का कर रहे उपचार
सड़कों पर घुम रही बीमारी से ग्रस्त गायों को गौशाला ला रहे
बीमार व स्वस्थ गायों को अलग-अलग वार्ड में रखा

राजसमंद। जिले में लंपी बीमारी से अब तक 441 गायों की मौत हो चुकी है। जबकि 14 हजार से अधिक गौवंश अब भी लंपी बीमारी की चपेट में है। लंपी वायरस से गायों को बचाने के लिए पशुपालन विभाग और गौ भक्त इनके उपचार में जुटे हुए है। सियाणा गौशाला में गौ भक्ति लंपी बीमारी से ग्रस्त गायों को गौशाला में ला रहे है जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
सियाणा गौशाला के धरमु भाई गुर्जर ने बताया कि सियाणा गौशाला में लंबी बीमारी से ग्रस्त गायों को अलग वार्ड में शिफ्ट किया गया है वहीं स्वस्थ गायों को अलग रखा है साथ ही जिन गायों में लंबी का प्रकोप कम हुआ है उन गायों को भी अलग शिफ्ट कर रखा है। गौशाला में सुबह शाम आयुर्वेदिक तरीके से लंपी ग्रस्त गायों का उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा बाहर सड़कों घुम रही लंपी ग्रस्त गायों को ऑटो से गौशाला में लाया जा रहा है जहां उनका उपचार किया जा रहा है। साथ ही जो पशुपालक गायों का उपचार नहीं कर पा रहे उन गायों को भी गौशाला में लाकर उपचार कर रहे है। साथ ही जो पशुपालक अपने पशुओं का घर पर ईलाज करना चाहते है उनके आयुर्वेदिक तरीका बताकर उनका उपचार करवा रहे है।
आयुर्वेदिक तरीके से कर रहे उपचार
धरमु गुर्जर ने बताया कि गौशाला में लंपी बीमारी से ग्रस्त गायों को 200 ग्राम देसी घी, 200 ग्राम हल्दी, 100 ग्राम काली मिर्च, 100 ग्राम मिश्री के लड्डू बनाए जा रहे है। यह लड्डू सुबह शाम गेहूं के दलिए के साथ लंपी ग्रस्त गायों को खिलाया रहे है। सुबह शाम दोनों समय 75-75 ग्राम लड्डू दलिए में मिक्स करके गायों को खिला रहे है।

