राजसमंद। आशा सहयोगिनी संगठन की करीब एक हजार कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को अनोखा प्रदर्शन किया। पिछले सात दिनों से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय के बाहर जारी धरने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर आशाओं का आक्रोश फूट पड़ा।
आशा सहयोगिनियों ने स्वास्थ्य भवन से जिला कलेक्ट्री, सांसद कार्यालय और विधायक कार्यालय तक मानव श्रृंखला बनाकर पैदल मार्च किया। इस दौरान “हमारी मांगें पूरी करो”, “आशाओं का सम्मान करो” जैसे नारों से शहर गूंज उठा।
धरने पर बैठी आशाओं का आरोप है कि वे वर्षों से प्रताड़ना और उपेक्षा का शिकार हो रही हैं। मानदेय, प्रोत्साहन राशि, कार्यभार और अन्य लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर वे लगातार संघर्ष कर रही हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
मार्च के दौरान आशा कार्यकर्ता विधायक दीप्ति माहेश्वरी के कार्यालय पहुंचीं और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 7 दिन के भीतर मांगों के समाधान का अल्टीमेटम दिया गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और आगामी चुनावों के बहिष्कार पर भी विचार किया जाएगा।
संगठन की पदाधिकारियों ने कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें उचित मानदेय और सम्मान नहीं मिल रहा है। सात दिन से जारी धरना प्रदर्शन के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई सकारात्मक पहल नहीं होने से कार्यकर्ताओं में रोष है।
अब सबकी निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि वार्ता कर समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना है।

