राजसमन्द / सियाणा में धूमधाम के साथ निकली कलश यात्रा:वैदिक मंत्रोच्चरण के साथ श्रीमद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभ, सुनने उमड़ी भक्तो की भीड़

राजसमंद @केलवा क्षेत्र के  श्री धेनु  गोपाल गौशाला सियाणा में शुभारंभ गुरुवार को हुआ जिसमें सियाणा गांव से 151कलश व ठाकुर जी की शोभायात्रा निकाली गई.

भक्तों के द्वारा धूमधाम के साथ कलश यात्रा निकाली गई। यहां पर महिलाओं ने सिर पर आस्था का कलश रखकर सियाणा गांव से लगाकर डीजे के गाने बजाने के साथ शोभा यात्रा सियाणा गौशाला परिसर में पहुंची यहां पर कथा आयोजन स्थल पर यात्रा का समापन हुआ। यहां पर वैदिक मंत्रोच्चरण के साथ कलश की स्थापना की गई।

वही सुबह 9:00 बजे शुभ मुहूर्त में श्रीमद् भागवत कथा का पूजन व गौ माता के पूजन के साथ शुभारंभ किया गया, श्रीमद् भागवत कथा व्यास जी श्री प्रेम नारायण जी ने सभी भक्तों को बताया कि उन्होंने बताया कि विश्व में सभी कथाओं में ये श्रेष्ठ मानी गई है। जिस स्थान पर इस कथा का आयोजन होता है, वो तीर्थ स्थल कहलाता है।

इसका सुनने एवं आयोजन कराने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियां को ही मिलता है। ऐसे में अगर कोई दूसरा अन्य भी इसे गलती से भी श्रवण कर लेता है, तो भी वो कई पापों से मुक्ति पा लेता है। इसलिए सात दिन तक चलने वाली इस पवित्र कथा को श्रवण करके अपने जीवन को सुधारने का मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। अगर कोई सात तक किसी व्यवस्तता के कारण नहीं सुन सकता है, तो वह दो तीन या चार दिन ही इसे सुनने के लिए अपना समय अवश्य निकालें। तब भी वो इसका फल प्राप्त करता है, क्योंकि ये कथा भगवान श्री कृष्ण के मुख की वाणी है, जिसमें उनके अवतार से लेकर कंस वध का प्रसंग का उल्लेख होने के साथ साथ इसकी व्यक्ति के जीवन में महत्ता के बारे में भी बताया गया है। इसके सुनने के प्रभाव से मनुष्य बुराई त्याग कर धर्म के रास्ते पर चलने के साथ साथ मोक्ष को प्राप्त करता है। कथा व्यास ने बताया कि इस कथा को सबसे पहले अभिमन्यु के बेटे राजा परीक्षित ने सुना था, जिसके प्रभाव से उसके अंदर तक्षक नामक नाग के काटने से होने वाली मृत्य़ु का भय दूर हुआ और उसने मोक्ष को प्राप्त किया था। श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन समापन के दौरान भक्तों ने महाप्रसाद लिया.

Categories