वेस्ट टू बेस्ट के साथ पर्यावरण संरक्षण का सन्देश दे रहा है भावना का कपड़ा बैंक
देवगढ़ : दूसरों के प्रति नि:स्वार्थ सेवा का भाव रखना ही जीवन में कामयाबी का मूलमंत्र है। राजसमन्द जिले में सेवा भाव और परोपकार की भावना को लेकर शुरू किया एक ऐसा मिशन जो आज समाज के निर्धन, जरूरतमंदो और अपशिष्ट के निस्तारण के लिए प्रयास कर रहा है बदलते फेशन के दोर में फेशन बदलते ही एक और जहा लोग कपड़ो को फेंक देते है या किसी काम में नहीं लेते जिससे पर्यावरण को भी नुक्सान पहुंचता है इसी समस्या के समाधान के लिए देवगढ़ की सामजिक कार्यकर्ता भावना पालीवाल द्वारा तीन वर्ष पूर्व कपडा बैंक की स्थापना की गई । कपडा बैंक में वेस्ट कपड़ो को लोगो से लेकर उन्हें एक जगह एकत्रित कर उन्हें बेस्ट बनाकर जरुरतमंदो तक पहुचाने का कार्य किया जा रहा है । पालीवाल द्वारा शुरू की गई इस पहल को काफी लोगो का समर्थन ओर विश्वास मिल रहा है । तीन वर्ष पूर्व भावना ने अपने आस पड़ोस से कपड़ा बैंक की शुरुआत की और घर घर जाकर और सोशल मीडिया के माध्यम से अपील करते हुए कहा कि आपके पास कोई पुराने या अनफिट कपडे जिन्हें आप उपयोग नहीं करते मुझे कपडा बैंक के लिए प्रदान करे । इस तरह कई लोगो ने संपर्क करने के बाद उनके घर जाकर ऊनी वस्त्र, बच्चो के कपड़े, नए ओर पुराने जैकेट , कपड़े विक्रेताओ के पास वेस्ट सामग्री को एक जगह एकत्रित कर उसे व्यवस्थित किया। कपड़ा बैंक के लिए एक सिस्टम विकसित किया गया है। जिसे मोबाइल वेन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रो की कमजोर बस्तियो में कपड़े लेकर जाते हैं

कपड़ा बैंक की सबसे खास बात यह है कि लोगों से प्राप्त पुराने कपड़े की धुलाई कराई जाती है, इसके बाद आयरन करने के बाद मोबाइल वेन के कपड़ा बैंक में सजाकर रखा जाता है। एकत्रित किए गए कपड़ों को जिले की कच्ची बस्तियों और गावों में जरुरतमंदो के बीच वितरित किया जाता है । पालीवाल का कहना है की अंधेरे को कोसने से बेहतर है कि एक दीया जलाया जाए कपडा बैंक की स्थापना के पीछे यही भाव है हम लोग संसाधनों का सदुपयोग कर पर्यावरण संरक्षण की रक्षा भी कर सकते है जिससे वेस्ट कपडे को पुनः उपयोग कर जरुरतमंदो के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है यही नहीं जो कपडे बिलकुल काम नहीं आते उन फटे पुराने कपड़ो को रीसाकिल करा उनकी कई दरिया बनाकर भेंट की जाती है । इस अनूठी पहल का असर यह हुआ की कपडा बैंक समाज के उच्च वर्ग, मध्यम वर्ग और जरूरतमंद सभी लोगो को जोड़कर मानवीय मूल्यों की रक्षा करता है और आज सिर्फ कपडे ही नहीं किताबे, जूते, खिलोने, बर्तन, बेग और कई जरुरतमंदो के लिए सामग्री प्राप्त हो रही है जो अभावग्रस्त लोगो के लिए एक सहारा बन रही है । कपडा बैंक द्वारा अभी तक जिले के देवगढ़, भीम, कुम्भ्लगढ़, आमेट, राजसमन्द सहित कई पंचायतो और कच्ची बस्तियों में 15000 से अधिक जरुरतमंदो को इस बैंक के माध्यम से उपयोगी सामग्री और कपडे प्रदान किये है । भविष्य के लिए योजना जितने वेस्ट कपडे होंगे उनके लिए हम एक सेटअप स्वयं का विकसित करेंगे और उससे पुनः नया कर जरुरतमंदो के लिए उपयोगी बनायेगे इस सेटअप से कुछ लोगो को रोजगार भी मिलेगा साथ ही बढते पर्यावरण अपशिष्ट को बचाने के लिए एक पहल भी होगी

