राजसमंद ,: महिला दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग, राजसमंद के संयुक्त तत्वावधान में जिला परिषद सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत महिला अधिकारिता मुख्यालय से जागरूकता रैली के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया। रैली ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ जिला कलेक्ट्रेट परिसर से होते हुए जिला परिषद पहुंची। रैली का संचालन जेंडर स्पेशलिस्ट कांता माली तथा महिला सुपरवाइजर्स द्वारा किया गया।
रैली के उपरांत महिलाओं के लिए विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें नींबू रेस, चेयर रेस और दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने ढोल की थाप पर नृत्य प्रस्तुत करते हुए उत्साहपूर्ण वातावरण का निर्माण किया।जिला परिषद सभागार में आयोजित मुख्य समारोह में जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. ममता गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजत बिश्नोई, उपनिदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं कार्तिक चारण तथा उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
महिलाओं द्वारा चेतना गीत प्रस्तुत किया गया तथा बालिका माधवी सेन ने झांसी की रानी वीरांगना पर आधारित गीत पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उपनिदेशक महिला अधिकारिता रश्मि कौशिश ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 4 मार्च से 7 मार्च तक विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इसके साथ ही महिलाओं और किशोरियों के लिए एनीमिया जागरूकता कार्यक्रम तथा जांच शिविर लगाए गए। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए जागरूकता रैली और हस्ताक्षर अभियान आयोजित किए गए तथा महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ब्लॉक और जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान जिले में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं, बालिकाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मानित किया गया। कक्षा 10वीं और 12वीं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं तथा खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को भी सम्मान प्रदान किया गया। पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान योजना 2025 के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली साथिन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। जतन सेवा संस्थान उदयपुर को 7500 रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। ग्राम पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आठ साथिनों को प्रत्येक को 5 हजार रुपये की पुरस्कार राशि, शॉल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को माता यशोदा पुरस्कार के अंतर्गत क्रमशः 5100 और 2100 रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।
जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने अपने उद्बोधन में महिला सशक्तिकरण और संतुलित लिंगानुपात के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षित और सशक्त महिला परिवार और समाज दोनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि परिवार में महिला शिक्षित होगी तो वह बच्चों की शिक्षा और बेहतर परवरिश पर विशेष ध्यान दे सकेगी, जिससे आने वाली पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक और शैक्षणिक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि आज महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं।
एसपी डॉ. ममता गुप्ता ने महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को उनके अधिकारों और अवसरों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि आज महिलाएं सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्रों में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने महिलाओं को राजकॉप सिटीजन एप की जानकारी देते हुए किसी भी आपात स्थिति में इसके उपयोग के बारे में बताया तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों और प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम में पुलिस थाना कांकरोली की थानाधिकारी सरोज बैरवा ने महिलाओं को राजकॉप सिटीजन एप डाउनलोड करवाते हुए 112 नंबर के माध्यम से आपातकालीन पुलिस सहायता प्राप्त करने की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में उपनिदेशक महिला अधिकारिता रश्मि कौशिश ने उपस्थित सभी अधिकारियों, प्रतिभागियों, महिला समूहों, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान योजना से जुड़ी साथिनों, वन स्टॉप सेंटर, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र तथा जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन के कार्मिकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

