राजसमन्द: जहां एक तरफ देश की आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, ऐसी स्थिति में (तहसील मावली जिला उदयपुर) की पुष्पा मेघवाल के लिए मंगलवार सही मायने में आजादी का अमृत महोत्सव नयी खुशीयां लेकर आया। यह सब संभव जिला प्रषासन के भागीरथी प्रयासों से संभव हो पाया।विगत तीन वर्षो से रेलमगरा तहसील के आवरी माता मंदिर में 37 वर्षीय विधवा महिला जो कि मानसिक रूप से विक्षिप्त थी, अपने 14 वर्षीय पुत्र के साथ मंदिर परिसर की धर्मशाला में निवास कर रही थी। ऐसी लोकमान्यता है कि मंदिर परिसर में रहने से विक्षिप्त व्यक्ति ठीक हो जाते है। गौरतलब है कि पुष्पा के पति गंगाराम मेघवाल की साल भर पहले ही बिमारी से मृत्यु हो गई थी। पुष्पा के तीन संतान है- 24 वर्षीय मुकेश मेघवाल, 18 वर्षीय लक्ष्मी, 14 वर्षीय नरेष। मुकेश मेघवाल सब्जी बेंचने का काम करता है। मानसिक विक्षिप्ता के चलते पुष्पा पिछले 5-6 आर्थिक तंगी के कारण वर्षो से घर से बाहर भटकती रही एवं 2 वर्ष पूर्व इसके चलते उसकी मानसिक स्थिति भी खराब हो गयी। ऐसी विक्षिप्त अवस्था में उसका छोटा पुत्र नरेष उसके साथ में रहा। बड़ा पुत्र अपनी मॉं को साथ ले जाने के लिए जब भी आया पुष्पा की मानसिक अवस्था ठीक नहीं होने के कारण वह उसे पहचान नहीं कर पाई। नरेश अपनी मां के साथ बचपन से घर से अलग रह रहा था, वह भी अपने बड़े भाई की पहचान नहीं कर पाया फलस्वरूप दोनों ने मुकेष के साथ जाने से इन्कार कर दिया। स्थानीय समाचार पत्र में दिनांक 26.07.2022 को समाचार प्रकाषित होने के बाद निलाभ सक्सेना जिला कलक्टर महोदय,राजसमन्द ने सम्पूर्ण प्रकरण का संज्ञान लिया।

जिला कलक्टर महोदय,राजसमन्द के निर्देषानुसार एस0डी0एम0 रेलमगरा श्रीमान् मनसुख राम डामोर ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मेडिकल टीम को मय एम्बुलेन्स संासेरा ग्राम के आवरी माता मदिर भेजा तथा पुष्पा की प्राथमिक जांच के पश्चात् उसे राजकीय आर0के0 जिला अस्पताल राजसमन्द रेफर कर दिया गया किन्तु जिला अस्पताल में मानसिक विमंदित रोगी हेतु डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण पुष्पा को चिकित्सा हेतु महाराणा भूपाल चिकित्सालय,उदयपुर रेफर कर दिया गया।

जहां उसे 15 दिन की दवाई दे दी गई तथा सामान्य जांच ही की गई। विडम्बना यह थी कि पुष्पा एवं उसके 14 वर्षीय अबोध बच्चे का कोई अपना नहीं था, अपने भी पराए हो चुके थे। इन्हीं कठिन परिस्थितियों में जैसे-तैसे पुष्पा उदयपुर से बस में बैठकर पुनः अपने पुराने ठिकाने आवरी माता मंदिर सांसेरा (रेलमगरा) के लिए निकल पड़ी।
27 जुलाई को प्रातः 10.00 बजे दरीबा बस स्टैण्ड पर पुष्पा की होने की सूचना एस0डी0एम0 मनसुख राम डामोर को दूरभाष पर मिली। एक बार तो उन्हें इस सूचना पर विष्वास ही नहीं हुआ, इस सूचना की पुष्टि करने के लिए श्रीमान् एस0डी0एम0 रेलमगरा ने विडियों कॉलिंग का सहारा लिया। पुष्टि होने के पश्चात्एस0डी0एम0 रेलमगरा ने पुष्पा के ईलाज के लिए एक बार फिर से प्रयास शुरू किए, उनके निर्देष पर उपखण्ड प्रशासन द्वारा एम्बुलेन्स से 27 जुलाई को पुष्पा को दरीबा प्राथमिक चिकित्सालय में भर्ती किया गया।
एस0डी0एम0 रेलमगरा द्वारा बी0सी0एम0ओ0, तहसीलदार, बी0डी0ओ0,रेलमगरा को सूचित किया गया। स्थानीय तहसीलदार,रेलमगरा डा0 अभिनव शर्मा द्वारा पुष्पा एवं उसके 14 वर्षीय बच्चे के लिए खाने-पीने का सामान, कपड़े एवं अन्य जरूरी सामान तत्काल उपलब्ध कराया गया। साथ ही उनके निर्देष पर पुष्पा को पुनः महाराणाभूपाल चिकित्सालय,उदयपुर के लिए एम्बुलेन्स से मय टीम रवाना किया ।
पुष्पा के ईलाज में एक बार फिर एक नई चुनौति खड़ी हो गई। अस्पताल के नियमानुसार मानसिक विमंदित मरीज के साथ 18 वर्ष से अधिक आयु का अटेण्डेंट होना आवष्यक था। जबकि पुष्पा की देखभाल के लिए उसके साथ कोई अटेण्डेंट उपलब्ध नहीं था। फलस्वरूप अस्पताल पुष्पा को भर्ती करने के लिए तैयार नहीं था। जिला कलक्टर राजसमन्द के दखल के बाद पुष्पा को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। पुष्पा के सहयोग के लिये अटेंडेण्ट के रूप में जतन संस्थान की टीम तैयार हो गई। अब पुष्पा के ईलाज के लिये एस0डी0एम रेलमगरा एवं बी0सी0एम0ओ0 रेलमगरा की तरफ से निरन्तर देख-रेख में फॉलोअप लिया गया।उपखण्ड प्रशासन के भरसक प्रयासों से पुष्पा के स्वास्थ्य में 15 दिन की चिकित्सा के बाद उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। महाराणा भूपाल अस्पताल उदयपुर द्वारा पुष्पा को 16.08.2022 को डिस्चार्ज कर दिया गया। पुष्पा अस्पताल से डिस्चार्ज होकर एक नयी स्वस्थ जिंदगी जीने के लिए अपने 14 वर्ष बच्चे के साथ मावली पहुंची लेकिन उसके संघर्ष की कहानी यही समाप्त नहीं हुयी थी। उसके आषियाने पर कब्जा कर लिया था। पिछले वर्ष पुष्पा के पति गंगाराम की मृत्यु के बाद 25600 का खर्च हुआ था जिसका वहन उसके परिजनों ने किया था।इस राशी के भुगतान को लेकर संभवतया विवाद था। एस0डी0एम0 रेलमगरा को जतन संस्थान ने इस नयी चुनौती के बारे में अवगत कराया जिसके पश्चात एस0डी0एम0 रेलमगरा ने एस0डी0एम0 मावली तथा थानाधिकारी, मावली के साथ समन्वय करके सम्पूर्ण विवाद का शांतिपूर्ण निपटाने का प्रयास शूरू कर दिया गया है। पुष्पा को विधवा पेंषन योजना, एवं उसके बच्चों के लिये पालनहार योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा कारवाई शुरू की गयी।जिला प्रशासन राजसमन्द के सामूहिक प्रयासों से पुष्पा को भरा-पुरा परिवार व स्वस्थ एवं सुखद जीवन मिला। अब वह अपने तीनों बच्चों के साथ एक सम्मानजनक जीवन-यापन कर रही है।इस प्रकार परिवार ने रूंधे गले से जिला प्रशासन और मनसुख राम डामोर (एस0डी0एम रेलमगरा), डॉ0 अभिनव शर्मा (तहसीलदार रेलमगरा), डॉ राष्ट्र सहना आजाद(बी0सी0एम0ओ0 रेलमगरा) सुमित्रा मेनारिया(जतन संस्थान) का आभार व्यक्त किया।

