राजसमन्द / जिला स्तरीय आश्रय स्थल में हैं दो राज्यों के 102 श्रमिक गर्भवती महिला श्रमिक को दी जा रही नियमित चिकित्सकीय सुविधाएं
कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए राज्य सरकार एवं जिला कलक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल के निर्देशानुसार देशव्यापी लोक डाउन के तहत प्रवासी श्रमिकों के निवास के लिए नाथद्वारा में जिला स्तरीय आश्रय स्थल श्री अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन नाथुवास (पूर्व नाम मीरा होटल) में बनाया गया।
नाथद्वारा उपखण्ड अधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि वर्तमान में आश्रय स्थल में कुल 102 प्रवासी श्रमिक निवास कर रहे हैं। इनमें उत्तरप्रदेश के विभिन्न जिलों के 34 युवक जो कि अहमदाबाद की ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत थे, पैदल नेशनल हाईवे 8 होते हुए ही उत्तरप्रदेश जा रहे थे, जिन्हें राबचा में रोक कर गत 3 अप्रेल से ही आश्रय स्थल पर ठहराया गया। इसी प्रकार पोकरण (जैसलमेर) से पैदल 380 कि.मी. की दूरी तय करके 68 श्रमिक जो कि रतलाम (म.प्र.) के हैं, जिसमें अधिकांश महिलाएं एवं बच्चे शामिल हैं, इनको केलवा के पास रोक कर स्वास्थ्य परीक्षण करवा कर प्रशासन के द्वारा अधिग्रहित कमरों में रूकवाया गया।
उपखण्ड अधिकारी ने आश्रय स्थल के लिये मनसुख राम डामोर, तहसीलदार नाथद्वारा को प्रभारी अधिकारी एवं सत्यनारायण बंसल को श्रमिकों की काउन्सलिंग के लिए नियुक्त किया है। आश्रय स्थल में आवास, भोजन एवं चाय नाश्ता, चिकित्सा सुविधा, प्रशासनिक व्यवस्थाएं, काउंसलर, रोजमर्रा की सामग्री यथा साबुन, टूथपेस्ट, तेल, डिटरजेंट आदि की व्यवस्थाएं की गई है। होटल परिसर की नियमित रूप से सफाई की जा रही है। उपखण्ड अधिकारी ने बताया कि पोकरण से पैदल चलकर आये व्यक्ति, महिलाएं एंव दूध मूंहे बच्चे पूर्णतः स्वस्थ हैं तथा इनमें एक महिला गर्भवती भी है, जिनकी पूर्णतः देखभाल कर नर्सिंग कर्मी की देख रेख में आयरन तथा फोलिक एसिड की गोलियां दी जा रही है।