राजसमन्द / श्री एकलिंगनाथ पालीवाल सेवा संस्थान राजसमन्द का वार्षिक अधिवेशन एवं सम्मान समारोह
राजसमंद :कोशीवाडा मे समाज का वार्षिक सम्मेलन अध्यक्ष श्री हगामीलाल पालीवाल की अध्यक्षता व सरंक्षक श्री मदनलाल शर्मा, श्री अमृतलाल पालीवाल व शिवशंकर जोशी के आतिथ्य मे सम्पन्न हुआ। समाज मे धिरे-धिरे गलत परम्पराओं व कार्यक्रमों के बढते प्रचलन पर समाज के प्रबुद्धजनों ने चिंता व्यक्त की। बैठक मे चर्चा व चिंतन करते हुए निर्णय किया गया की प्रि-वेडिंग की गलत परम्परा पर पूर्ण रोक लगनी चाहिए साथ ही मेहंदी/हल्दी जैसे संस्कार भी हमारे पुरानी परम्परा के अनुरूप ही किये जाये इनमें जो पिछले कुछ वर्षों मे जो प्रदर्शन बढा हे उसे भी बंद किया जावे, विवाह के समय हर फंक्शन के बाद बर्तन आदि उपहार बांटने की जो नहीं शुरुआत हुई है उसे भी बंद किया जावे। मृत्यु के बाद दशमे के दिन धोवरा केवल शोकसंतप्त परिवार की बहुओं को उनके पिहर से देने तक ही सीमित रखा जावे तथा शोकसंतप्त परिवार से जो धोवरे/कपडे दिये जाते है उन्हें बंद किया जावे, बारहवीं के दिन जो दक्षिणा देने की परम्परा है उसमे अधिकतम पांच रूपये तक सिमित रखा जावे व उस दिन बर्तन बांटने की जो गलत परम्परा चल पडी है उसे बंद किया जावै।बैठक मे बालक-बालिकाओं के संस्कार, शिक्षा जैसे विषयों पर भी विचार मंथन हुआ व यह निर्णय किया कि महिलाओं की कार्यकारिणी अलग से बनाई जावेगी जो संस्कार निर्माण से सम्बंधित कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। समाज के युवाओं की भी अलग से कार्यकारिणी बनाई जावेगी।समाज के सभी लोगो ने एक मत से निर्णय किया कि कोई भी बालक अथवा बालिका उच्च शिक्षा व प्रशिक्षण से आर्थिक आधार पर वंचित नहीं होगी उसके लिए समाज यथासंभव व्यवस्था करवायेगा।उपरोक्त सभी विषयों पर सर्वसम्मति से निर्णय किये जाकर स्वयं से प्रारंभ कर आगे बढने के संकल्प के साथ लागू करने का निर्णय हुआ।उक्त चर्चा मे भीलवाड़ा व चित्तौड़गढ़ जिले की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।विचार विमर्श मे महिलाओं व युवाओं ने भी अच्छी भागीदारी निभाई।
इसके पश्चात डा. श्यामसुंदर जी पुरोहित के मुख्य आदित्य व श्री शंकरलाल पुरोहित 44श्रैणी पालीवाल समाज अध्यक्ष, श्री एम बी पालीवाल भीलवाड़ा अध्यक्ष, श्री राजमल पुरोहित पूर्व अध्यक्ष, श्री भेरूलाल पालीवाल चित्तौड़गढ़ अध्यक्ष के विशिष्ठ आथित्य व श्री हगामीलाल पालीवाल की अध्यक्षता मे प्रतिभावान सम्मान समारोह प्रारंभ हुआ। प्रारंभ मे अथितियों ने भगवान श्री एकलिंगनाथ जी के चित्र पर माल्यार्पण व सामने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने समाज मे शिक्षा, संस्कार व रोजगार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर ध्यान देने का आग्रह किया, उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नये विद्यार्थियों को प्रेरणा प्रदान करते है साथ ही बालको मे संस्कार निर्माण करते है व समाज की एकता को मजबूत करते है व समाज की प्रगति मे सहायक बनते है। कार्यक्रम मे कक्षा10, 12, स्नातक व स्नातकोत्तर मे 80% से अधिक अंक लाने वाले, उच्च शिक्षा जैसे मेडिकल,IIT,CA मे प्रवेश लेने वाले, सरकारी सेवा मे चयनित विद्यार्थियों/युवाओं, विशेष उपलब्धि रखने वालो को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस वर्ष सेवानिवृत्त हुए बंधुओं व समाज के 80 वर्ष की उम्र के वरिष्ठ जनो का सम्मान किया गया।
अध्यक्ष श्री हगामीलाल पालीवाल ने समाज के कोष मे अपनी ओर से 111101/-रू. देने की घोषणा की।उक्त जानकारी संस्थान के सचिव एडवोकेट भरत पालीवाल ने दी।