राजसमन्द / राजसमंद परिवहन विभाग मे बडा घोटाला, फर्जी मेडीकल सर्टिफिकेट से हो रहे लाईसेंस रिनीवल,

 

 

 

चालीस पार के वाहन चालकों के लाईसेंस हो रहे रिनीवल,

 

मीडिया की पहल पर जिला परिवहन अधिकारी से सुधारी व्यवस्थाएं,

 

 राजसमंद जिला परिवहन कार्यालय मे बनने वाले दुपहिया और चौपहिया वाहनों के रिनीवल मे बडा घोटाला सामने आया है। जहां कुछ परिवहन विभाग के यातायात सलाहकार विभागीय मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर फर्जी मेडीकल सर्टिफिकेट लगाकर लाईसेंस रिनीवल करवा रहे है। इस फर्जी सर्किफिकेट के वे पांच सौ रुपये अतिरिक्त लेकर चांदी काट रहे है।इस संबध मे विभागीय अधिकारीयो से बातचीत करने पर जब उन्होने सत्यापन करवाया तो शिकायत सही पायी गयी। जिला परिवहन अधिकारी डा कल्पना शर्मा ने तत्कार आदेश जारीकर इस गलती को सुधारा और मेडीकल सर्किटिफिकेट के साथ डाक्टर की पर्ची भी लाना अनिवार्य किया।जिससे वाहन चालक के चिकित्सक से मिलने की पुष्टि की जा सके। इस पूरे काले कारोबार का पता तब चला जब मेडीकल सर्किफिकेट जारी करने वाले चिकित्सक के सामने मामला लाया गया तो उन्होने यह हस्ताक्षर और सील उनके नही होने और फर्जी सील से सर्टिफिकेट बनाने की आशंका जतायी। दरसल पिछले कुछ समय से कथित कुछ यातायात सलाहकारों ने तीन चार चिकित्सकों की फर्जी सील बनाकर सर्किफिकेट जारी करना शुरु कर दिया। इससे लाईसेंस बनाने के लिये अयोग्य होने पर पर लाईसेंस रिनीवल हो रहे थे। जिससे सडक दुर्घटनाओं का खतरा बढ गया है। इस संबध मे दवा वितरण केन्द्र पर तैनात डा अनिल जैन और जिला आर के चिकित्सालय के चिकित्सा प्रभारी के नाम से सर्टिफिकेट बनाये जा रहे थे। दोनों चिकित्सकों से बातचीत करने पर ये सील और हस्ताक्षर फर्जी होने की पुष्टि हुई। आर के चिकित्सालय के पीएमओ डा रमेश रजक का कहना है कि एक वर्ष पूर्व मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार सील पर चिकित्सक का नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाईल नंबर अंकित होने चाहिये जबकि इस सील मे ऐसा कुछ भी नही था। आखिर जिला परिवहन अधिकारी डा कल्पना शर्मा ने इस गलती को स्वीकार करते हुए व्यवस्थाओं मे सुधार करवाया और इस समस्या की ओर ध्यान दिलाने पर एनडी टीवी का आभार जताया।

 

 

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