राजसमन्द / मेवाड़ में ऐतिहासिक मायरा महोत्सव संपन्न,गोसेवार्थ सियाणा में नानी बाई के मायरे में उमड़ा गोभक्तो का सैलाब छोटा पंडाल

 

 

 

प्रेम से पुकारो आएगा सावरिया

भक्त के वश में है भगवान,,,,,,, हरे कृष्णा राकेश पुरोहित

 

केलवा क्षेत्र में  के समीपवर्ती सियाणा धेनु गोपाल गोशाला में  तीन दिवसीय नानी बाई व नरसी मेहता के चरित्र का  वर्णन करते हरे कृष्णा प्रभु राकेश पुरोहित ने  बताया कि नरसिंह जी भगवान के भरोसे 21 सुरदासो को लेकर भात भरने जाते हैं तब रास्ते में बैलगाड़ी टूट कर बिखर जाती है भगवान स्वयं कृष्णा खाती का रूप लेकर बैलगाड़ी को सुधारने के लिए वहां पहुंच जाते हैं पुरोहित ने आगे कहा कि इसी प्रकार जो भक्त भगवान पर अटूट विश्वास रखता है उसके जीवन की गाड़ी को भगवान कभी रुकने नहीं देते हैं ।आज गली-गली गांव गांव ,नगर नगर निराषित,उपेशित, असहाय,  बीमारियों, दुर्घटनाग्रस्त, गोवंश अश्रु बहा रही हैं।जिसको लेकर  गौ सेवार्थ  मायरा भरा गया ।

 

मायरे में केलवा,देवपुरा, सियाणा, आमेट, कनावदा, गुगली, आइडाना, आगरिया,मारवाड़, भीनमाल, पथमेड़ा, सूरत, मुंबई,समेत कई शहरों व आसपास के गावों से गौ भक्तों द्वारा मायरे में गुप्त राशि का सहयोग दीया गया  ।  कथावाचक पुरोहित ने भक्तों से नानी बाई और नरसिंह मेहता के साथ-साथ भगवान कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान के परम भक्त नरसी मेहता की हुंडी भगवान ने स्वीकार की और उन्हें 56 करोड़ की माया प्रदान की। परम भक्त नरसी मेहता ने निश्चल भक्ति को सर्वोपरि रखा सारी माया को भक्तों में बांट दी वहीं कार्यक्रम में महिलाओं ने  बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। संत हरेकृष्णा के एक से बढ़कर एक भजन,, लगन तुम से लगा बैठे जो होगा देखा जायेगा ,,,,,,,,हमारा धन राधा श्री राधा ,,,,,,,बिनु सत्सग विवेक ना होई राम कृपा बिन सुलभ ना होई,,,भगत के वश में है भगवान,,,,,की प्रस्तुति पर मंत्रमुग्ध होकर महिलाओं व पुरुषों ने भाव विभोर होकर झूमते हुए नाच गान किया गया। गोभक्त गौ माता के लिए हरा चारा, अनाज, जो, तिल, मूंगफली, खल, गुड़,खल, दलिया,  गुड व अन्य गो ग्रास लेकर मायरे में पहुंचे   गो भक्तों का संतो व गौशाला समिति द्वाराफूल बरसा कर  भव्य स्वागत किया गया। मायरे में मेवाड़ महामंडलेश्वर सीतारामदास,संत हरिदास महाराज,चेतन नाथ  योगी वनाई,डॉ शास्त्री राम स्वरूम, समेत कई संत मौजूद रहे।मायरा महोत्सव में  हजारों भक्तों ने आनंद लिया ।

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