राजसमन्द / तेरापंथ जैन धर्म संघ के जैन संतों ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के बताये सरल उपाय

वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिये पूरा विश्व चिंतित है वैज्ञानिक इसका वैक्सिन बनाने के प्रयास मे जुटे है। जबकि इससे बचाव का सबसे सस्ता उपाय है रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी हो तो इसका प्रभाव कम होगा। इन दिनों राजसमंद मुख्यालय पर प्रवासरत तेरापंथ जैन धर्म संघ के जैन संतों ने इसका सरल उपाय बताया है। दिवेर के रहने वाले एक ही पिता की चार संतानें जैन मुनि बनने के बाद राजसमंद मे विराजित है। जिसमे संजय मुनि,प्रसन्न मुनि,प्रकाश मुनि और धैर्य मुनि है। ये जैन संत लाक डाउन मे भी अपने नियमानुसार दिनचर्या चला रहे है। मुनि प्रसन्न कुमार ने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने का तरीका है श्वास पर नियंत्रण यानि सम्यक श्वास। आज भागदौड भरे जीवन मे हम श्वास पूरा नही लेते जिससे फैफडों को पूरी आक्सीजन नही मिल पाती और पूरी कार्बन डाई आक्साईड नही निकल पाती है। यदि नियमानुसार हर श्वास को देखते हुए पूरी श्वास के साथ पेट का डायफ्राम फूले और श्वास छोडते समय पूरा पेट अन्दर जाये तो यह सम्यक सांस है। इसके द्वारा हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढा सकते है। उन्होने बताया कि कोरोना जैसे रोग से बचने का यही सबसे सस्ता और सरल उपाय है।

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