राजसमन्द / सांसद दीया ने आमान परिवर्तन को लेकर रेल मंत्रालय पर की प्रश्नों की बौछार

 
संसद के शीतकालीन सत्र का प्रथम दिन 
 
पुरातत्व महत्व के स्थानों पर दिव्यांगजनो को मिले अधिक सुविधाएं - सांसद दीया कुमारी
नियम 377 के तहत उठाया मुद्दा
 
राजसमंद। संसद के शीतकालीन सत्र के प्रथम दिन ही सांसद दीया कुमारी ने लोकसभा में रेलवे के संबंध में प्रश्नों की बौछार  कर दी। सांसद ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से पूछा की संपूर्ण भारत के साथ ही राजस्थान राज्य में रेलवे द्वारा नई लाइनें एवं गेज परिवर्तन के कितने कार्य किए जा रहे हैं तथा उनकी वर्तमान स्थिति क्या है। सांसद ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से लिखित जवाब चाहा की कितनी नई लाइन एवं गेज कन्वर्जन के कार्य भारतीय रेलवे ने प्रस्तावित किए है। 
 
गौरतलब है की सांसद दीया कुमारी लोकसभा  में एक लंबे समय से मावली मारवाड़ ब्रॉडगेज के मुद्दे को उठाती आयी है और आज भी इसी संदर्भ में तारांकित प्रश्न पूछा और प्रश्न के माध्यम यह जानना चाहा की प्रस्तावित मावली मारवाड़ ब्रॉडगेज लाइन किस पायदान  पर पहुंचा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रश्न के उत्तर में लंबा लिखित जवाब संसद के पटल पर रखा।
 
पुरातत्व महत्व के स्थानों पर दिव्यांगजन हेतु मांगी अधिक सुविधाएं - 
 
सांसद दीया कुमारी ने लोकसभा में नियम 377 के तहत पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय से मांग करते हुए अपनी बात रखी। सांसद ने कहा की एएसआई के द्वारा पुरातत्व महत्व की बिल्डिंग एवं जितने भी मॉन्यूमेंट्स एएसआई के अधीन आते हैं उन्हें दिव्यांग जनों के लिए और अधिक सुविधाजनक बनाने चाहिए।
 
सांसद ने  कुंभलगढ़ एवं रणथंबोर किले के बारे में ध्यानाकर्षण करते हुए मांग करते हुए कहा की एएसआई मॉन्यूमेंट्स पर दिव्यांग जनों के लिए अलग से व्यवस्थाएं विकसित की जाएं जो कि  पीएम मोदी के सुगम्य भारत अभियान के तहत आता है। अधिक से अधिक लोगों को इन जगहों पर आने के लिए आदर्श मार्ग योजना के तहत सोलर व्हीलचेयर, बैटरी चालित वाहन, नए पाथवेज, दिव्यांग जनों के लिए अलग से टॉयलेट सुविधा एवं रेलिंग इत्यादि को पुरातत्व स्थानों पर विकसित किया जाना चाहिए।

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