राजसमन्द / अब आगुंतकों तथा कार्मिक को स्की्रनिंग के बाद ही मिलेगा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में प्रवेश
कोरोना संक्रमण (कोविड 19) को विष्वव्यापी महामारी घोषित किये जाने से श्री अषोक कुमार जैन सदस्य सचिव, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर तथा श्री गिरीष कुमार शर्मा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमंद के निर्देषानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में प्रत्येक आगंतुकों तथा कार्मिक को प्रतिदिन स्की्रनिंग के बाद ही प्रवेष दिये जाने की शुरूआत की गयी।
श्री नरेन्द्र कुमार, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजमसंद ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में उपस्थित होने वाले प्र्रत्येक कार्मिक तथा आगुतंकों की स्की्रनिंग कर ही प्रवेष दिया जा रहा है। इस क्रम में थर्मल गन के माध्यम प्रत्येक व्यक्ति का तापमान जांचा जा रहा है। कार्यालय में प्रवेष करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का रिकोर्ड भी संधारित किया जा रहा है। उक्त कार्य हेतु प्रषिक्षित कर्मचारी की पृथक से ड्यूटी लगायी है ताकि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जावें।
उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस की चैन तोड़ने हेतु पूर्व में ही प्रत्येक आगुंतक तथा कार्मिक को हाथ धुलवाकर तथा सेनेटाइज करके प्रवेष दिया जा रहा हेै । प्राधिकरण कार्यालय में क्रमवार रूप से कार्मिकों की ड्यूटी सुनिष्चित की गयी है तथा ड्यूटी पर उपस्थित कार्मिक द्वारा मास्क, गल्बस, फेष षिल्ड का उपयोग करते हुये तथा सोषियल डिस्टेंषन रखते हुये कार्य संपादित किया जा रहा है।
माननीय सदस्य सचिव, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देषानुसार कोरोन वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु कारागृह में बंदियों की भीड़ कम करने के उद्देष्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमंद द्वारा निःषुल्क विधिक सहायता के तहत अतंर्गत धारा 437 सीआरपीसी के तहत 39 बंदियों को जमानत आवेदन सबंधित न्यायालय में पेष कर 17 बंदियों को जमानत पर रिहा करवाया गया तथा अतंर्गत धारा 439 सीआरपीसी के तहत 15 आवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किये गये जिसमें 7 बंदियों को जमानत पर रिहा किया गया।