राजसमन्द / राम नाम बने जीवन का आधार : संत मुरलीधर महाराज

 

 चैत्र नवरात्र के उपलक्ष्य में  आगरिया की वाडा गाँव में वैष्णव  परिवार की मेज़बानी में परम पूज्य संत  मुरलीधर  महाराज के मुखारविंद से आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा के मंगलवार को चतुर्थ दिवस में दिवस में महाराज जी ने गोस्वामी तुलसीदास  द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस के बालकांड में वर्णित राजा दशरथ के भगवान राम सहित चारों पुत्रों के नामकरण संस्कार,  बाललीलाओं, विद्यारंभ संस्कार तथा अहल्या उद्धार  प्रसंग प्रसंग का बड़े ही  सुन्दर भाव से वर्णन किया । 

 

 

कथा प्रसंग के माध्यम से महाराज ने 

महाराज ने कहा कि यूं तो धाम धाम में सुख है लेकिन सुख का धाम केवल राम है। कलि युग में केवल राम का नाम ही आधार है यही परम आनन्द देने वाला सुख का सागर है । 

  जीवन रुपी गाड़ी में सुख व दुख दो तरह के स्टेशन है लेकिन एक राम नाम रुपी ऐसा जंक्शन है जहां से जीवन की  गाड़ी मोड़ने पर आंनद ही आनंद की प्राप्ति होती है । जो व्यक्ति राम नाम का सहारा लेते हैं वे जगत का आधार बन जाते है। रामायण  की सुंदर चौपाइयों पर श्रोताओं ने खूब आनन्द लिया । इस अवसर पर कुम्भलगढ़ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़, बीएन काॅलेज सचिव महेंद्र सिंह राठौड़, राजसमन्द पूर्व विधायक बंशी लाल खटीक, मुख्य यजमान शंकर दास वैष्णव, बंशी दास वैष्णव, चन्द्रेश वैष्णव,  हीरा दास वैष्णव मुकेश वैष्णव सरदारगढ़, महेंद्र वैष्णव, हीरा लाल पारीक, रामलाल कुमावत,गौभक्त सुरेश चंद्र  कुमावत, पुष्कर पारीक सहित राजसमन्द गौ सेवा समिति के  गौभक्त हरि भगवान बंग साहब राजसमन्द, जगदीश चन्द्र जी  लड्डआ राजसमन्द  , मनोहर सिंह जी पंवार आमेट  आमेट,गौभक्त सेवा समिति आमेट के  कान जी गर्ग  जेटू सिंह जी राजपुरोहित  ,सोनू जी सुथार आमेट,सहित श्रद्धालु मौजूद थे।

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