राजसमन्द / स्वच्छ राजस्थान ब्रांड एम्बेसडर गुप्ता ने ली निकायों की समीक्षा बैठक स्वच्छता के निर्धारित मानकों की पूर्ति हेतु समर्पित प्रयास आवश्यक :गुप्ता

राजसमंद। राजसमंद जिले को स्वच्छता के सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अग्रणी स्थान दिलाने के उद्देश्य से स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर के के गुप्ता ने नगर परिषद सभागार में जिले की सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों एवं कार्मिकों की बैठक ली।

 

बैठक को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता में ईश्वर का वास होता है। नाथद्वारा विश्वभर में श्रीनाथजी की नगरी के रूप में प्रसिद्ध है, ऐसे में धार्मिक नगरी में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि तीर्थस्थलों पर स्वच्छ वातावरण रहेगा तो श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।

 

उन्होंने मुख्यमंत्री के समृद्ध एवं विकसित राजस्थान के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि नगरीय निकायों को इस लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। प्रदेश विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर है तथा विभिन्न निवेश समझौतों से शहरों के समग्र विकास को गति मिल रही है। ऐसे में निकायों का दायित्व है कि वे अपने-अपने शहरों को स्वच्छ, व्यवस्थित एवं अनुकरणीय बनाएँ।

 

नगर परिषद आयुक्त बृजेश राय ने स्वागत भाषण देते हुए आश्वस्त किया कि जिले की सभी निकाय स्वच्छता के निर्धारित मानकों की पूर्ति हेतु समर्पित प्रयास करेंगी तथा स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करेंगी।

 

बैठक में गुप्ता ने कहा कि पिछले दो वर्षों में नाथद्वारा निकाय ने स्वच्छ सर्वेक्षण में उल्लेखनीय कार्य किया है तथा अब राजसमंद ने भी गति पकड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल औपचारिकता न होकर धरातल पर प्रभावी रूप से दिखाई देनी चाहिए। सभी निकायों को स्वच्छता के प्रत्येक मानक पर गंभीरतापूर्वक कार्य करना होगा।

 

उन्होंने निर्देश दिए कि सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या के समाधान हेतु जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा पशुपालकों को पशु खुले में न छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। खाली पड़े भूखंडों की नियमित सफाई करवाई जाए तथा सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध जुर्माना लगाया जाए। शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करते हुए कचरे का वैज्ञानिक एवं पूर्ण निस्तारण किया जाए।

 

गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा स्वयं की जानी चाहिए। आमजन को यह अनुभव होना चाहिए कि नगर परिषद स्वच्छता के प्रति सक्रिय एवं प्रतिबद्ध है। गंदगी फैलाने अथवा कचरा पात्र न रखने वालों पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

 

उन्होंने कहा कि अधिकारियों की सक्रियता से कर्मचारियों एवं आमजन की मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था प्रारंभ करने, समय-समय पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं सफाई कर्मियों को सम्मानित करने तथा जनसहभागिता बढ़ाने पर भी बल दिया गया।

 

बैठक में नगर परिषद आयुक्त बृजेश राय, अधिशाषी अभियंता तरुण बाहेती सहित शंकर चंगेरीवाल, गिरिराज माली, भगवतीलाल, दिनेश खोखर, सुरेश अठवाल तथा नाथद्वारा, आमेट एवं देवगढ़ की निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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