राजसमन्द / कार्यशाला : बाल विवाह की प्रथा को जड़ से मिटाने की जरुरत
छोटी सी उमर परणाई ये बाबो सा काईं थारो करयो मैं कसूर
देवगढ़ : युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय भारत सरकार के नेहरु युवा केंद्र राजसमन्द के तत्वाधान में देवगढ़ में करियर महिला मंडल द्वारा सामाजिक विषय बाल विवाह पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि पुलिस थाना देवगढ़ द्वितीय थाना अधिकारी सुआलाल, महिला अधिकारिता विभाग राजसमंद की जिला समाधान समिति सदस्य भावना पालीवाल, करियर महिला मंडल संरक्षक रेखा सोनी, शिखा सोनी और विजय लक्ष्मी धाभाई ने की ।
पुलिस विभाग के अधिकारी ने बताया की निरक्षरता, निर्धनता, दहेज प्रथा, सामाजिक निन्दा, सामाजिक जिम्मेदारी से छुटकारा पाने की आकांक्षा और कई कारणों से ग्रामीण लोग अपने नन्हे बेटे बेटियों का बाल विवाह कर देते है जिससे ना सिर्फ वर-वधू के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव, दुर्बल संतानें, पारिवारिक सद्भाव स्थापित करने में कठिनाई स्त्री-पुरूष में असमान अनुपात, जनसंख्या वृद्धि, व्यक्तित्व विकास में बाधक, तलाक में वृद्धि सहित कई समस्याओ का सामना समाज को नहीं उनकी आने वाली पीढ़ी को भी करना पड़ता है इसलिए बाल विवाह की प्रथा को जड़ से मिटाने की जरुरत है । सामाजिक कार्यकर्ता पालीवाल ने छोटी सी उमर परणाई ये बाबो सा काईं थारो करयो मैं कसूर गीत गाकर अपील करते हुए कहा की आज की युवा पीढ़ी भविष्य को देखते हुए सभी लोगों को जागरूक करे और इस सामाजिक बुराई को रोकने में अपेक्षित सहयोग प्रदान करे बाल विवाह से बच्चों के सर्वांगीण विकास का हनन होता है । इसके अतिरिक्त कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने की बात कही। इस अवसर पर सभी अतिथियों द्वारा पोस्टर विमोचन भी किया गया । आसूचना अधिकारी वीरेन्द्र सिंह भाटी और वक्ता महेश पालीवाल द्वारा बाल विवाह अधिनियम के अंतर्गत बाल विवाह करवाने वाले वर-वधु दोनों पक्षों के माता-पिता, भाई-बहन, अन्य पारिवारिक सदस्यों, विवाह करवाने वाले पंडित व अन्य धर्म गुरू, विवाह में शामिल बाराती, बाजे, घोडे व टेंट वाले, हलवाई और विवाह कार्यक्रम में सम्मलित होने वाले अन्य सभी संबंधित व्यक्यिों पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान आदि की जानकारी प्रदान की गई । इस अवसर पर भावना सुखवाल, अरीना बानो, स्वाति सोलंकी, निकिता वैष्णव, स्नेहा वैष्णव, प्रेम वन योगी , वीरेंद्र सिंह, लोकेश सिंह, सीताराम सालवी, कुसुम चौहान, नेहा कुमारी, खुशनुमा बानो, अंशिता चुंडावत, ललिता रेगर , विनीता पंवार, विष्णु सोलंकी, सुचिता, प्रमिला रेगर, सुशीला बुनकर, सानु बुनकर, निकिता सेन, नेहा चुंडावत, सोना कलाल, निशा, भावना माली, किरण चौहान सहित आस पास के ग्रामीण क्षेत्रो से कई युवा मोजूद थे ।