राजसमन्द / जिले से गो भक्तों ने गोशाला प्रदेश प्रतिनिधि सम्मेलन में की शिरकत
- गोसेवा से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ गोशाला प्रतिनिधि सम्मेलन संपन्न
- गौ शाला के संचालन सहित अन्य मांगों पर विस्तार से हुई चर्चा
- पदाधिकारियों सहित संतों ने लिया सरकार को आड़े हाथ
राजसमंद, 10 सितम्बर। गोऋषि स्वामी दत्तशरणानन्द महाराज (पथमेड़ा), स्वामी अवधेशचैतन्यजी ब्रह्मचारी महाराज (सूरजकुण्ड), महंत स्वामी चेतनानन्द महाराज (डण्डाली आबूराज), राजस्थान गो सेवा समिति प्रदेशाध्यक्ष महंत दिनेश गिरी फतेहपुर, गोविन्द वल्लभदास, हीरापुरी महाराज, संत प्रकाशदास महाराज, समिति उपाध्यक्ष मंहत रघुनाथ भारती महाराज, महामण्डलेश्वर संतोष भारती महाराज, सनातन महाराज, ब्रह्मचारी मुकुंद प्रकाश महाराज, मंहत चेतननाथ महाराज वणाई आश्रम, महंत जगरामपुरी महाराज सहित सैकड़ों संतो के सानिध्य में आयोजित राजस्थान गोसेवा समिति की ओर से मनोरमा गौ लोक तीर्थ नंदगांव में आयोजित गोशाला प्रदेश प्रतिनिधि सम्मेलन में राजसमंद जिला शाखा अध्यक्ष जेठूसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में जिलेभर की गौशालाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में गौ भक्त कैलाश राजपुरोहित, समिति जिला उपाध्यक्ष मनोज पारीक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरिभवान बंग, महामंत्री तेजराम कुमावत, महेश कासट, रामसहाय विजयवर्गीय, आचार्य पुष्कर पारीक, सुरेश कुमावत, दिनेश गिरी, मदनसिंह सिसोदिया सहित गोशाला संचालको ने मनोरमा गोलोक की परिक्रमा कर गोपूजन किया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि गृह, पशुपालन, गोपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री जवाहरसिंह बेढ़म, विशिष्ट अतिथि पंचायती राज राज्यमंत्री ओटाराम देवासी थे। सम्मलेन के प्रारंभ में गौशलाओं के संचालन में आ रहीं समस्याओं सहित अन्य विभिन्न मांगों को लेकर श्री राजस्थान गोसेवा समिति की ओर से मुख्यमंत्री के नाम मंत्रीगण को ज्ञापन सौंपा। प्रदेश में गोवंश के विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा करते हुए प्रदेश के गोशालाओ के संचालकों ने वर्तमान में गोवंश की स्थिति को लेकर चिंता जताई। कार्यक्रम में मंत्री जवाहरसिंह बेढ़म ने समिति सदस्यों को आश्वस्त किया कि जल्द ही गौशाला संचालन सहित गौ सेवा में आ रहीं बाधाओं को दूर करने के लिए समिति के प्रतिनिधिी मण्डल व विभाग के निदेशक के साथ संयुक्त बैठक कर समस्याओं को हल करने का प्रयास किया जाएगा।
सराकर के बैठे लोगों को भी मांगना पड़ रहा है, अनुदान
सम्मलेन के शुरुआत में समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महंत रघुनाथ भारती ने कहा कि सरकार के बैठे लोगों को भी अगर गोमाता की स्थिति बताते हुए अनुदान मांगना पड़े ये हमारी विडंबना है। महामंत्री रघुनाथसिंह राजपुरोहित ने ज्ञापन में विभिन्न मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामस्तर पर गोचर को अतिक्रमण मुक्त करने तथा एैसी ही भूमि को 30 साल की लीज देकर सरकारी सुविधा दी जाए। जो किसान गाय रखते है, उन्हे सीधी सब्सिडी दी जाए, अगर गाय छोड़ते है तो उन किसानों को दंडित करने का प्रावधान करें। अनुदान बढ़ाकर बड़े गोवंश का 100 रूपए और छोटे गोवंश का 50 रुपए करने, खेती के लिए नर गोवंश का उपयोग करने, 9 महिने के स्थान पर अनुदान 12 महिने करने, देशी गोवंश को बढ़ावा देने के लिए विदेशी कृत्रिम गर्भाधान को तुरंत प्रभाव से रोकने की मांग की है।
एैसा नियम बने कि कोई गाय निराश्रित नहीं रहें
समिति के अध्यक्ष महंत दिनेश गिरी फतेहपुर ने कहा कि गो आधारित जैविक खेती के लिए सरकार सहयोग कर, किसान और गोशालाओ को समृद्ध करें। साथ ही मंत्री को अपने कुल की याद दिलाते हुए अपने जीवन को गोसेवा में समर्पित करने का आह्वान किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार की ओर से गौ सेवा करने को केवल गुड़ मात्र सा जो सहयोग दिया, उससे गाय का मुंह तो मीठा हो सकता है लेकिन गाय का पेट नहीं भर पाएगा। सरकार ऐसा नियम और नीति बनाए की कोई गाय निराश्रित नहीं हो। आप ऐसा नियम और शर्ते बनाए, आपकों पांच साल गौ सेवा करने को मिला है, ऐसा काम कीजिए की आने वाली पीढ़ी सदियों तक याद रखी जा सके। सरकार गांव-गांव में शराब की दुकानें लगा सकती है तो, सरकार गायों के संरक्षण के लिए कुछ क्या नहीं कर सकते हैं। सरकार गाय, किसान, गो भक्तो और संतो की व्यथा और पीड़ा समझे और प्रदेश में गौ मंत्रालय की स्थापना होने के साथ ही गौ शाला को स्थाई अनुदान राशि मिलनी चाहिए। महंत प्रकाशदास महाराज ने कहा कि वन्य जीव अभ्यारण की तर्ज पर प्रदेश में गो अभ्यारण भी बनने चाहिए।
गोशाला संचालकों की समस्याओं का जल्द होगा समाधान
गोपालन राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि गोसेवा के कारण ही मैं विधायक और मंत्री बना हु। राजस्थान सरकार पहली बार गोपाल कार्ड बनाकर प्रत्येक गोपालक को एक लाख का बिना ब्याज का ऋण देगी। श्रीराजस्थान गो सेवा समिति के पांच सदस्यों व गोपालन विभाग के अधिकारियों की बैठक कर प्रदेशभर के गोशाला संचालकों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने का संकल्प लेता हूं। पंचायत राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा है कि पथमेड़ा महाराज की प्रेरणा से पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने स्टांप पर सेस कर लगाते हुए देश का पहला गोपालन मंत्रालय का गठन किया था। इस दौरान रघुनाथसिंह, अर्जुनसिंह तिवरी, धनराज चौधरी, हरिसिंह देवड़ा, अर्जुन पुरोहित, सुरेश कोठरी, रामचंद्र नेहरा, गणपत सिंह, श्रवण कुमार वराडा, कैलाश राजपुरोहित सहित सहित प्रदेशभर की गोशाला प्रतिनिधि मौजूद थे।